*👉🏻 जालंधर के लोगों की लापरवाही का नतीजा ही है कि सिर्फ 12 दिनों में कोरोना के कारण चली गई 85 लोगों की जान और 3500 से ज्यादा लोग आ गए कोरोना की चपेट में* *👉🏻 आंकड़े बता रहे कोरोना का कोहराम, पढ़ें सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 23 मार्च 2021-(प्रदीप भल्ला)- जालंधर में कोरोना कोहराम मचा रहा है और इसे रोक पाना असंभव सा दिखाई दे रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि जिला जालंधर के लोग कोरोना को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
वैसे तो जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने अलग-अलग टीमें बनाकर बिना मास्क पहन जाने वाले लोगों के चालान करने शुरू किए हैं और सेहत विभाग द्वारा ऐसे लोगों के मौक़े पर ही कोरोना के टेस्ट भी किए जा रहे हैं जो बिना मास्क पहनकर सड़कों पर निकलते हैं। लोगों की सोच यह बन गई है कि कोरोनावायरस तो खत्म हो चुका है। सरकार लोगों में डर पैदा करके वैक्सीनेशन की स्पीड को बढ़ाना चाहती है। लोगों की यही सोच कोरोना की चेन को मजबूत कर रही है। यह हम नहीं कह रहे यह सेहत विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि कैसे 10 मार्च से 22 मार्च के इन 12 दिनों में ही कोरोना ने कितनी तेजी से अपने पैर पसार लिए हैं। 10 मार्च से लेकर 22 मार्च तक इन 12 दिनों में 3625 लोग कोरोनावायरस की चपेट में आ गए हैं और यह लोग सिर्फ जिला जालंधर के ही हैं। वही इन 12 दिनों में 85 लोगों की जान कोरोनावायरस के कारण चली गई है। इन आंकड़ों को देखकर भी अगर लोग नहीं संभले तो आने वाले दिनों में सरकार को फिर से सख्त कदम उठाने पड़ेंगे और लोगों को अपने घरों में बैठना पड़ेगा। अगर लोग नहीं चाहते हैं कि वह पहले की तरह ही अपने घरों में बंद होकर रह जाएं तो कोविड-19 गाइडलाइन की पालना करें। मास्क पहन कर ही घर से निकले और समय-समय पर हाथ धोते रहे व शारीरिक दूरी बना कर रखें। ऐसे करके ही कोरोना से बचा जा सकता है।



