यह शख्स बनेगा 10,000 करोड़ की पतंजलि का उत्तराधिकारी, ‘नाम’ जानकर सकते में आ जायेंगें आप.

बाबा रामदेव और उनके करोड़ों के टर्नओवर वाले पतंजलि पर आयेदिन लोगों की नज़र रहती है. नज़र इस बात पर कि आखिर बाबा के बाद उनकी इस करोड़ों की संपत्ति का मालिक कौन होगा? सवाल लाज़मी भी हैं क्योंकि बाबा की इस करोड़ों की संपत्ति का कोई वारिस दुनिया को नज़र नहीं आता. ऐसे में एक बड़ा ख़ुलासा करते हुए बाबा ने अब खुद ही बता दिया है कि उनके बाद उनकी इस करोड़ों की संपत्ति का वारिस आखिर कौन होगा. बाबा रामदेव के इस वारिस के बारे में जानकर सबसे बड़ा झटका तो उन्हें लग सकता है जो आयेदिन ही लोगों को परिवारवाद के नाम पर घेरते हैं. जी हाँ, बाबा ने ऐसे में जिसे अपना वारिस चुना है वो दरअसल कोई और नहीं बल्कि…
कौन होगा बाबा की संपत्ति का वारिस?
दरअसल जनता के इसी सवाल का जवाब देते हुए बाबा रामदेव ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया कि, “मैं कभी भी छोटा नहीं सोचता. बात जब भविष्य की होती है तो मैं पतंजलि समूह के अगले 100 सालों के बारे में सोचता हूं. मैं मानता हूँ कि मैं अपने उत्तराधिकारी को अपने पीछे अपने इस साम्राज्य की देखरेख के लिए छोड़ कर जाऊंगा.” ऐसे में जब ज़िक्र हुआ कि आखिर उनकी संपत्ति का वारिस होगा कौन? बाबा ने ऐसे में जिसे अपना वारिस चुना है वो दरअसल कोई और नहीं बल्कि 500 साधुओं की एक टीम है, जिसके बारे में बताते हुए बाबा ने कहा कि, “मेरी 10,000 करोड़ की पतंजलि का उत्तराधिकारी कोई व्यापारी नहीं होगा और ना हो कोई सांसारिक आदमी के भरोसे मैं अपनी संपत्ति छोड़कर जाने वाला हूँ. मेरी संपत्ति के वारिस होंगे एक 500 साधुओं की टीम, जिन्हें मैंने खुद ही प्रशिक्षित किया हुआ है.”
इतना ही नहीं इस इंटरव्यू के दौरान बाबा रामदेव ने ये भी बताया कि वो आने वाले 500 सालों में हमारे देश के बारे में सोचते हैं. बाबा ने बताया कि उनका मानना है कि सिर्फ हिन्दुओं को ही नहीं बल्कि मुस्लमानों को भी गोमूत्र अपनाना चाहिए, क्योंकि गौमूत्र का प्रयोग काफी तरीके के इलाज में किया जा सकता है. रामदेव ने बताया कि गौमूत्र के बारे में तो कुरान तक में लिखा है कि, “गोमूत्र इलाज के लिए प्रयोग किया जा सकता है.” आगे बाबा रामदेव ने कहा कि कुछ लोग वक़्त-बेवक्त पतंजलि को निशाना बनाते हैं कि यह एकहिन्दू की कंपनी है, लेकिन ज़रा सोचिये क्या कभी मैंने ‘हमदर्द’ (हमीद बंधुओं द्वारा संस्थापित) पर निशाना साधा है कि वो एक मुस्लिम की कंपनी है? आगे बाबा रामदेव ने कहा कि, “मेरा हमदर्द और हिमालया दवा कंपनी को पूरा समर्थन है. शायद बहुत से लोग ये जानते नहीं है लेकिन हिमालय समूह के फारुख भाई ने मुझे योगग्राम के लिए जमीन दान दी है, ऐसे में अगर कुछ लोग इसके लिए शुल्क लेते हैं, तो वह सिर्फ नफरत की दीवार खड़ी कर रहे हैं और कुछ नहीं.”