*👉🏻 जिम्मी कालिया लक्की साबित हुए रमन अरोड़ा के लिए* *👉🏻 जिम्मी जिसके साथ जुड़े उसे ही जिताया, क्या इस पार्टी से मिलेगा जिम्मी कालिया को पूर्ण मान-सम्मान,पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 14 मार्च 2022-(प्रदीप भल्ला)-जिम्मी शेखर कालिया जिस व्यक्ति या पार्टी से जुड़ते हैं उन्हें ऊपर ही ऊपर लेकर जाते हैं या यूं कहा जाए कि जिम्मी कालिया जिसके साथ जुड़ते हैं उसके लिए लक्की साबित होते हैं। इसकी ताज़ा उदाहरण है आम आदमी पार्टी के जालंधर विधानसभा केंद्रीय से जीते हुए प्रत्याशी रमन अरोड़ा। रमन अरोड़ा की जीत का परचम लहराने में सबसे अहम रोल निभाने में जिम्मी कालिया का योगदान है। जिम्मी कालिया ने रमन अरोड़ा को जिताने के लिए ना दिन देखा ना रात। जिसका नतीजा ये निकला कि रमन अरोड़ा ने भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों को हरा कर जीत हासिल कर ली। 
–कैसे लक्की हैं जिम्मी कालिया–
जिम्मी कालिया पहले भाजपा से जुड़े हुए थे जिस कारण मनोरंजन कालिया को जीत हासिल हुई और वह राजनीति की बुलंदी पर रहे। जब मनोरंजन कालिया ने जिम्मी कालिया से मुँह फेर लिया तो जिम्मी कालिया ने कांग्रेस जॉइन कर ली और कांग्रेसी प्रत्याशी राजिंदर बेरी के साथ जुड़ गए। जैसे ही जिम्मी कालिया ने राजिंदर बेरी का साथ देना शुरू किया तो राजिंदर बेरी भी राजनीति की बुलंदियों पर पहुंच गए और उन्होंने भाजपा के मंत्री मनोरंजन कालिया को शिकस्त दे दी और केंद्रीय हल्के से विधायक चुने गए। विधायक बनने के बाद राजिंदर बेरी और कांग्रेस पार्टी ने जिम्मी कालिया को उचित सम्मान नहीं दिया। पार्टी के गलत निर्णय और राजिंदर बेरी के रूखे व्यवहार से जिम्मी कालिया का दिल टूट गया और उन्होंने पार्टी का साथ छोड़ने का निर्णय कर लिया। जैसे ही जिम्मी कालिया ने कांग्रेस पार्टी का साथ छोड़ कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा तो किस्मत ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। जिम्मी कालिया “आप” के हुए तो उनकी किस्मत के सितारों ने रमन अरोड़ा और आम आदमी पार्टी को भी बुलंदी पर पहुंचा दिया या यूं कहें कि जिम्मी कालिया रमन अरोड़ा के लिए लक्की साबित हुए और रमन अरोड़ा केंद्रीय हल्के से जीत कर विधायक बन गए। अब देखना ये है कि क्या आम आदमी पार्टी पूरी ईमानदारी से पार्टी के लिए मेहनत करने वाले जिम्मी कालिया को उनका उचित मान-सम्मान दे पाएगी।
