*👉🏻 किसी बड़े हादसे के इंतज़ार में निगम व जिला प्रशासन, करंट लगने से युवक की मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासन* *👉🏻 दोमोरिया पुल पर बिजली की तारों के खुले जोड़ दे रहे बड़े हादसे को निमंत्रण, पुल पर आई दरारें, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ़ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*

जालंधर, 24 जुलाई 2022-(प्रदीप भल्ला)-(तस्वीरें :-ज्ञान सिंह)-महानगर में बीती रात 11:00 बजे के करीब ओल्ड रेलवे रोड पर पानी में करंट आने के कारण 16 साल के युवक सरताज सिंह निवासी बाग कर्म बक्श की मौत हो गई थी। जिसके कारण एक हंसते खेलते परिवार में मातम छा गया।
मगर युवक की मौत के बाद भी निगम प्रशासन व जिला प्रशासन की नींद नहीं टूटी, क्योंकि ओल्ड रेलवे रोड के साथ लगते दोमोरिया पुल पर लगे बिजली के पोल से तारों के जोड़ बाहर की तरफ निकले हुए हैं। अगर कोई राहगीर इनकी चपेट में आ गया तो वह भी काल के मुंह में चला जाएगा। बिजली की तारों के नंगे जोड़ और ऊपर से बरसात का मौसम फिर से किसी बड़े हादसे को निमंत्रण दे रहे है।
अगर समय रहते निगम प्रशासन व जिला प्रशासन नहीं जागा तो कोई मासूम इन नंगी तारों की चपेट में आकर अपनी जान गंवा सकता है। दोमोरियारिया पुल पर रोजाना ही हजारों लोग गुजरते हैं अगर कोई इन नंगी बिजली की तारों के साथ छू गया तो उस हादसे का जिम्मेवार कौन होगा। सरकार बिजली की लाइट लगाने वाले ठेकेदार को उसकी पूरी पेमेंट देती है मगर वह पूरी इमानदारी से अपना काम नहीं करते। अगर सही तरीके से इन बिजली की तारों को टेप करके बॉक्स के अंदर फिट कर दिया जाए तो कोई भी मासूम हादसे का शिकार नहीं हो सकता। मगर बिजली के पोल लगाने वाले ठेकेदार की नालायकी और नगर निगम व जिला प्रशासन की कुंभकर्णी नींद के कारण शहर में ऐसे हादसे हो जाते हैं। जिसका परिणाम बीती रात देखने को मिला और एक 16 साल का युवक सरताज सिंह पानी में करंट आने के कारण उसकी चपेट में आ गया और इस दुनिया को अलविदा कह गया। अब भी अगर प्रशासन नहीं जागा तो कोई और बड़ा हादसा हो सकता है।
–दोमोरिया पुल पर आई दरारें–
शहर के बीचो-बीच बने दोमोरिया पुल जिस पर से रोजाना हजारों की गिनती में वाहन व राहगीर गुजरते हैं उस पर दरारें आ चुकी हैं।
जिस कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता है। नगर निगम प्रशासन को चाहिए कि वह दोमोरिया पुल की जांच करवाये और उस पर आई दरारों को भरकर हादसा होने से पहले ही उसे रोक ले। अगर नगर निगम प्रशासन इसकी अनदेखी करता है तो आने वाले दिनों में इसकी हालत और भी खस्ता हो जाएगी।
जिसके कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। नगर निगम प्रशासन को चाहिए कि वह दोमोरिया पुल की सुध ले और उसकी खामियों को दूर करे।