*👉🏻 डीसीपी वर्सेज़ विधायक* *👉🏻 अपने ही अधिकारी पर पर्चा दर्ज कर पुलिस की हो रही किरकिरी, अपनी ही जगह पर डीसीपी को बुला कर निकाली गालियां,की मारपीट और करवाया पर्चा* *👉🏻 आप सरकार की आगे पुलिस बेबस, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ़ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 22 सितंबर 2022-(एच.ई)-पंजाब पुलिस आप सरकार के आगे बेबस नजर आ रही है। बीती रात डीसीपी नरेश डोगरा और जालंधर से केंद्रीय क्षेत्र के विधायक रमन अरोड़ा के बीच हुई मारपीट के मामले में पंजाब पुलिस आप सरकार के दबाव में दबी नजर आई और अपने ही अधिकारी पर मामला दर्ज करने में देर नहीं लगाई।
बीती रात केंद्रीय क्षेत्र के विधायक ने अपने ही निर्धारित स्थान पर डीसीपी नरेश डोगरा को राजीनामे के लिए बुलाया और वहीं पर अपने समर्थकों सहित डीसीपी को घेर कर उनके साथ मारपीट की और गंदी गालियां निकाली, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि डीसीपी जसकरण जीत सिंह तेजा, नरेश डोगरा को भीड़ से बचाते हुए बाहर निकाल रहे हैं और भीड़ उन पर हमला कर रही है और गंदी-गंदी गालियां निकाल रही है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंची और यह सब कुछ देखने के बावजूद पंजाब पुलिस के उच्च अधिकारियों ने अपने ही अधिकारी पर मामला दर्ज कर लिया। जिसके बाद शहर में चर्चा हो रही है कि पंजाब पुलिस आप सरकार के आगे झुक गई और दबाव में आकर अपने ही अधिकारी पर मामला दर्ज कर लिया। अगर वीडियो को देखा जाए तो उससे साफ जाहिर होता है कि आप विधायक द्वारा डीसीपी नरेश डोगरा को अपने ही बुलाए हुए स्थान पर घेर कर मारपीट की और गालियां निकाली गई। ऑन ड्यूटी उच्च अधिकारी पर हमला करने और अपशब्द बोलने का मामला विरोधी पक्ष पर दर्ज करने की बजाय पुलिस ने अपने ही अधिकारी पर मामला दर्ज कर दिया। यह पूरा वाक्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं के पास भी पहुंचा जिसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखपाल खैहरा ने भी अपने ट्विटर पर बयान लिख कर इस बात की निंदा की है और साथ ही यह भी लिखा है कि जो लोग एक छोटी सी इमारत के लिए पुलिस के उच्च अधिकारी को पीट सकते हैं वह लोग भाजपा पर ₹25 करोड़ देकर विधायक खरीदने का इल्जाम कैसे लगा सकते हैं। इन बातों को छोड़िए जो घटना कल रात घटित हुई है उससे पंजाब पुलिस की बहुत किरकिरी हो रही है।