*👉🏻 देसी बम बनाने के लिए शहर की दुकानों पर खुलेआम बिकती है पोटाश* *👉🏻 पुलिस नहीं करती पोटाश बेचने वाले दुकानदारों से पूछताछ*
जालंधर,15 सितम्बर-(प्रदीप भल्ला)-बीती रात शहर के मकसूदां थाना में चार बम फैंके गए थे। जिससे पूरा पुलिस प्रशासन हिल गया है। हर बार शहर में वारदात होने के बाद ही पुलिस हरकत में आती है। लेकिन मकसूदां थाना में हुए बम धमाकों के बाद भी पुलिस अभी तक आरोपियों तक पहुंच नहीं पाई है और न ही ये पता चल पाया है कि धमाके किस तरह के विस्फोटक से किये गए थे। क्योंकि देसी बम बनाने का सामान शहर की गलियों में स्थित दुकानों से आम मिल जाता है। महानगर में निकलने वाली धार्मिक शोभायात्राओं में इस विस्फोटक पदार्थ का इस्तेमाल कर ऊंची आवाज पैदा करने वाले पटाखे बनाये जाते हैं। इस विस्फोटक पदार्थ को पोटाश कहा जाता है जोकि शहर में आम दुकानों से मिल जाता है। इस विस्फोटक को रखने वाले दुकानदारों की पुलिस द्वारा कोई जांच पड़ताल नहीं की जाती। लेकिन जब कभी कोई बड़ी वारदात हो जाती है तो उसके बाद ही पुलिस हरकत में आती है। लेकिन इतनी बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस उन दुकानदारों से पूछताछ नहीं कर रही जो इस विस्फोटक को खुलेआम बेच रहे हैं। गौरतलब है कि बीते साल भी शहर के केंद्रीय क्षेत्र के एक घर में अवैध पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट के कारण कुछ लोगों की जान चली गई थी। उक्त फैक्ट्री में भी बहुत ज्यादा पोटाश बरामद हुई थी। अब देखना ये है कि क्या पुलिस उन दुकानदारों से पूछताछ करेगी या नहीं जो ऐसे विस्फोटक खुलेआम बेच रहे हैं।

