जीका वायरस को लेकर केंद्र ने किया सभी राज्यों को अलर्ट, जीका वायरस के क्या हैं लक्षण

नई दिल्ली: जीका वायरस को लेकर केंद्र ने सभी राज्यों को अलर्ट किया है। केंद्र की ओर इसको लेकर एक एडवाइजरी भी जारी की गई है। महाराष्ट्र में जीका वायरस के कुछ मामले सामने आने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर स्थिति की लगातार निगरानी बनाए रखने का निर्देश दिया। राज्यों से कहा गया है कि वे गर्भवती महिलाओं की जीका वायरस जांच कराए जाने पर ध्यान दें। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. अतुल गोयल की ओर जारी एडवाइजरी के अलावा, मंत्रालय ने स्वास्थ्य संस्थानों को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का भी निर्देश दिया।
सबसे पहले गुजरात में मामला आया था सामने
जीका वायरस संक्रमण एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। इस मच्छर से डेंगू और चिकनगुनिया भी होता है। हालांकि जीका संक्रमण से मौत नहीं होती है। भारत में सबसे पहला जीका का मामला 2016 में गुजरात में सामने आया था। उसके बाद से कई अन्य राज्यों में भी इसके मामले सामने आए हैं, जिनमें तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं में जीका वायरस संक्रमण माइक्रोसेफली का सबसे बड़ा खतरा है। यदि कोई महिला गर्भावस्था के दौरान जीका वायरस से संक्रमित हो जाती है, तो उसके बच्चे में माइक्रोसेफली होने का खतरा बढ़ जाता है। गर्भवती महिलाओं को जीका होने से उनके पैदा होने वाले बच्चों में माइक्रोसेफली (सिर का छोटा होना) का खतरा रहता है, इसलिए यह चिंता का विषय है। माइक्रोसेफली एक ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चे का सिर सामान्य से छोटा होता है। यह मस्तिष्क के विकास में बाधा डाल सकता है और यह बच्चे की विकलांगता का कारण भी बन सकता है।
जीका वायरस के क्या हैं लक्षण
जीका वायरस से हल्का बुखार, रैशेज, जोड़ों में दर्द, आंखों का लाल होना (कंजंक्टिवाइटिस), मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द हो सकता है। ये लक्षण आमतौर पर 2 दिन से एक हफ्ते तक रहते हैं। जीका वायरस का कोई खास इलाज नहीं है। ज्यादातर लोगों में हल्के लक्षण होते हैं। डॉक्टर की सलाह पर दवा, आराम और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है।




