वीआईपी रोड के कब्जे हटाने में निगम प्रशासन फेल
जालंधर-(टिंकू पंडित/ज्ञान सिंह)-लाडोवाली रोड को वीआईपी रोड भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए कहा जाता है कि जितने भी मंत्री, नेता व अधिकारी शहर में आते हैं वो बीएसएफ चौक से शहर के अंदर इसी सड़क से आते हैं। इसलिए लाडोवाली रोड वीआईपी रोड के नाम से मशहूर हैं। लेकिन अलास्का चौक से लेकर डीसी दफ्तर की तरफ जाने वाली इस सड़क पर कबाड़ियों ने कब्जा किया हुआ है। यह कोई लोहा,रद्दी खरीदने वाले कबाड़ी नहीं बल्कि हज़ारों,लाखों की डैमेज कारें खरीदने वाले लोग हैं। इनकी दुकानें और गोदाम सामान से भरे हुए हैं इसी लिए इन्होंने ज्यादातर पुरानी गाड़ियां और सामान सड़क पर ही रखा हुआ है। जिस कारण इस सड़क पर यातायात प्रभावित रहता है। इस बारे में नगर निगम प्रशासन को पूरी जानकारी है। लेकिन फिर भी वह इनका सामान सड़क से हटा नहीं पाते। महीने में एकाध बार नगर निगम की टीम इस सड़क पर जाती है और खानापूर्ति वाली कार्रवाई कर वापिस लौट आती है। इन कबाड़ियों की दुकानों के नज़दीक स्थित दूसरे दुकानदारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि तह-बाज़ारी विभाग के कुछ कर्मचारी इन कबाड़ियों से महीना लेकर जाते हैं और अपनी जेबें गर्म करते हैं। इसीलिए जिस दिन नगर निगम ने इस सड़क पर कार्रवाई करनी होती है इन दुकानदारों को पहले ही सचेत कर दिया जाता है। जब तक नगर निगम से भ्र्ष्टाचार में लिप्त इन काली भेड़ों को अलग नहीं किया जाएगा तब तक शहर से अवैध कब्जे नहीं हट सकते। अगर शहर को सुंदर और जाम रहित बनाना है तो अवैध कब्जा धारकों पर सख्त कार्रवाई करनी होगी और शहर की सड़कों व फुटपाथों को इनके कब्जों से मुक्त कराना होगा।


