*👉🏻 एम्बुलेंस 108 की रख-रखाव के लिए मिलने वाले सरकारी खर्चे की जांच करने सिविल अस्पताल पहुंची विजिलेंस टीम* *👉🏻 एंबुलेंस 108 के कर्मचारियों की निजी अस्पताल वालों के साथ सैटिंग भी आ सकती है जांच के घेरे में*
जालंधर,6 सितम्बर-(भल्ला,विष्णु)- सिविल अस्पताल में विजिलेंस टीम के पहुंचने के कारण अधिकारियों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। डीएसपी विजिलेंस चौधरी सतपाल की अगुवाई में विजिलेंस टीम ने सिविल अस्पताल मैं खड़ी एंबुलेंस 108 का निरीक्षण करना शुरू कर दिया। जानकारी के मुताबिक 19 एंबुलेंस 108 महानगर में चलती हैं। जिनके रखरखाव के लिए सरकार की तरफ से खर्चा दिया जाता है। विजिलेंस टीम को सूचना मिली कि सरकारी खर्चे का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं किया जा रहा और ना ही सरकारी गाड़ियों की मेंटेनेंस की जा रही है। इसी सूचना के बाद विजिलेंस टीम ने सिविल अस्पताल में दबिश दी।
———एंबुलेंस 108 के कर्मचारियों की निजी अस्पताल वालों के सेटिंग भी आ सकती है जांच के घेरे में——–
विजिलेंस टीम की जांच से एंबुलेंस 108 के कर्मचारी घबराए हुए हैं। विजिलेंस टीम को यह भी सूचना मिली है कि एंबुलेंस 108 के कर्मचारियों की निजी अस्पताल वालों से सेटिंग है। जिस कारण वह दुर्घटना में घायल हुए मरीज को सिविल अस्पताल लाने की बजाय बाहर से ही निजी अस्पताल में दाखिल करवा देते हैं और निजी अस्पताल प्रबंधन से अपनी कमीशन ले लेते हैं। विजिलेंस टीम अगर गहराई से जांच करें तो एंबुलेंस 108 के कर्मचारियों की निजी अस्पताल वालों के साथ मिलीभगत सामने आ जाएगी।


