*👉🏻 संत श्री आशारामजी बापू आश्रम में 9वां 7 दिवसीय विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर सम्पन्न हुआ* *👉🏻 शिविर में जालंधर के बच्चों ने भी लिया भाग*

जालंधर,11 नवंबर-(हैडलाइन एक्सप्रैस)-मोटेरा स्थित संत श्री आशारामजी बापू आश्रम में बाल संस्कार केंद्र के तत्वाधान में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए 7 दिवसीय विद्यार्थी अनुष्ठान शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें 9 साल से 25 साल तक की उम्र के हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया।विद्यार्थियों के अलावा शिक्षक व अविभावक भी इस शिविर में सम्मिलित हुए ।इस शिविर में सम्मिलित होने के लिए पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़,उत्तर प्रदेश,बिहार, दिल्ली,हरियाणा,पंजाब,ओड़िशा, पं.बंगाल,महाराष्ट्र,जम्मू-कश्मीर, कर्नाटक,आंध्रप्रदेश,झारखंड, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों के छात्र-छात्राएँ भारी संख्या में अहमदाबाद पहुँचे । शिविर में एक लघु भारत का दर्शन हो रहा था। शिविर में साध्वी रेखा बहन एवं श्री वासुदेवानन्द जी द्वारा विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। विद्यार्थियों को शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक व सर्वांगीण विकास हेतु योगासन,प्राणायाम व सूक्ष्म क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया।शिविर में सुबह 4.30 से 5 बजे तक विशेष प्राणयाम करवाये गए। विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों का सिंचन, माता-पिता गुरुजनों का आदर, परीक्षा में अच्छे नम्बर लाने की युक्तियां सिखाई गयी, एक अच्छा नागरिक बनने की शिक्षा दी गयी।विद्यार्थियों की बहुमुखी प्रतिभा के विकास के लिए भजन-कीर्तन, गायन, वक्तृत्व, खेल आदि स्पर्धाएँ, आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विषयों पर प्रश्नोत्तरी, लिखित व मौखिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया और विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
प्रसिद्ध जादूगर आँचल ने शिविरार्थियों का भरपूर मनोरंजन किया । शिविरार्थियों ने आगामी 25 दिसम्बर को तुलसी पूजन दिवस व 14 फरवरी को वेलेन्टाइन डे नहीं बल्कि मातृ- पितृ पूजन दिवस मनाने का संकल्प लिया ।
बाल संस्कार केंद्र प्रदर्शनी, युवा सेवा संघ, महिला उत्थान मण्डल व संस्कृति रक्षक संघ बच्चों के आकर्षण का केन्द्र बनी रही।आश्रम के अनुभवी वैद्य डॉ. वंदना बहन साहू व डॉ.अतुल नारखेड़े ने बच्चों को उचित आहार -विहार एवं स्वस्थ रहने की कुंजियाँ बताई गई । शिविर में सबने पूज्य बापूजी की सूक्ष्म उपस्थिति का एहसास किया।हालांकि शिविरार्थियों के हृदय में अपने गुरुदेव संत श्री आशारामजी बापू के प्रत्यक्ष दर्शन न होने की वेदना झलकती है परंतु साथ-ही-साथ उन्हें पूरा भरोसा है कि बापूजी निर्दोष हैं और वे शीघ्र ही उनके बीच पधारेंगे ।





