*वाह रे जालंधर नगर निगम* AGI बिजनेस सैंटर के नक्शे में करवाया है हेरफेर पंचायती जमीन पर बना AGI सैंटर का चंडीगढ़ में नक्शा कुछ और पास हुआ, जालंधर में कुछ और बना दिया।

लोकपाल एसके मित्तल ने सौंपी मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू को रिपोर्ट, कई अफसर पर गिर सकती है गाज, तत्कालीन PCS अफसर, MTP, ATP और ड्राफ्ट्समैन ने
जालंधर: गढ़ा रोड़ पर बस स्टैंड के पास बने AGI बिजनेस सैंटर के कंपलीशन सर्टिफकेट जारी करने पर सरकार ने रोक लगा दी है। साथ ही बिना कंपलीशन सर्टिफिकेट के बिजनेस सैंटर में चल रहे सभी दफ्तरों को खाली करवाने का आदेश जारी किया गया है। इसके साथ ही बिजनैस सेंटर को सील करने और उन निगम अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं, जिनकी देखरेख में यहां दफ्तर खुल गए हैं। ये आदेश सरकार ने लोकपाल की रिपोर्ट के बाद जारी किया है। इसकी पुष्टि सीनियर टाउन प्लानर त्रिलोक सिंह ने की है।
*हयूमन राइट्स संस्था की कम्प्लेंट पर करवाई करते हुए*
स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने लोकपाल एसके मित्तल को जालंधर भेजकर जांच करवाई थी। लोकपाल एसके मित्तल ने AGI बिजनेस सैंटर का नक्शा मंगवा कर देखा था, जिसमें कई तरह की गड़बड़ियां निकली। सूत्र बता रहे हैं कि लोकपाल ने उसी दिन ही निगम अधिकारियों से AGI बिजनेस सैंटर के सभी दफ्तर खाली करवाने का आदेश दिया था। क्योंकि बिल्डिंग के पास कोई कंपलीशन सर्टफिकेट नहीं था। बिना कंपलीशन सर्टिफकेट के ही सभी दफ्तर चल रहे हैं। एेसे में अगर बिजनेस सैंटर में कोई आपदा होती है तो अधिकारी सीधे तौर पर नपेंगे। जांच में यह भी पता चला कि AGI बिजनेस सैंटर का नक्शा ही गलत है।
पंचायती जमीन पर बना है AGI बिजनेस सैंटर
नगर निगम के सूत्रों के मुताबिक AGI बिजनेस सैंटर पंचायती जमीन पर बना है। जिसका नक्शा पास होना संभव नहीं है। जिससे इमारत मालिक ने बड़ी ही चालाकी से दो हिस्सों में नक्शा बनवाया। नगर निगम के एक तत्कालीन पीसीएस (जो अब प्रमोट होकर IAS बन गए हैं) अफसर ने एक एमटीपी और एटीपी समेत ड्राफ्टसमैन को इस पूरे मामले में मिलाया। लाखों रुपए के सौदेबाजी कर न केवल पंचायती जमीन का नक्शा पास किया, बल्कि कंस्ट्रक्शन भी करवा दिया। जबकि चंडीगढ़ स्थानीय निकाय विभाग से नक्शा कुछ और ही पास होकर आया था। तत्कालीन पीसीएस अफसर, एमटीपी, एटीपी और ड्राफ्ट्समैन की मेहरबानी से AGI बिजनेस सैंटर बनकर तैयार हो गया
ये इमारतें भी है अवैध, कभी भी हो सकती हैं सील
करोड़ों रुपए चोरी कर अवैध रूप से बनाए गई कामर्शियल इमारतों की जांच में ज्योति चौक के पास बना परिक्रमा सिटी सेंटर Days होटल, बस स्टैंड के पास बना AGI बिजनेस सैंटर और 66 फुटी रोड पर बना PVR CURO माल, लाडोवाली रोड पर बने AGI INN होटल, नकोदर रोड पर बने आर्थोनोवा अस्पताल, कूल रोड पर बने किडनी अस्पताल में गड़बड़ी पाई गई है।

