एसीपी बिमल कांत ने पूछा विजय से कि विपन ने बनाया बंधक, बोला नहीं बनाया… -अपने बयानों से मुकरा विजय, वाल्मीकि समाज ने की कार्रवाई की मांग
जालंधर वाल्मीकि नेता विपन सभ्रवाल पर समझौते के नाम पर पैसे मांगने का आरोप लगाने वाले बर्तन व्यापारी विजय के मामले में नया मोड़ आ गया। बुधवार को दोनों पक्षों की तरफ से आई शिकायत के बाद पुलिस कमिश्नर ने इस मामले की जांच एसीपी हेड क्वार्टर बिमल कांत को सौंप दी थी। बुधवार को एसीपी बिमल कांत ने दोनों पक्षों को बुलाया। वहां पर एसीपी ने विजय से पूछा कि क्या विपन सभरवाल ने उसे बंधक बनाया। इस सवाल के साथ ही उन्होंने घटना वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज भी सामने रख दी। पत्रकार वार्ता कर विपन सभरवाल पर बंधक बनाने का आरोप लगाने वाला विजय बोला कि नहीं मुझे बंधक नहीं बनाया गया। जब उससे पूछा कि क्या समझौते के नाम पर विपन सभरवाल ने 10 लाख मांगे तो भी विजय ने यही जवाब दिया कि नहीं कमिटी के पैसों का लेनदेन था। ऐसे में मौके पर मौजूद वाल्मीकि नेताओं ने विजय पर कार्रवाई की मांग की।
एसीपी विमल कांत ने इस दौरान कई और सवाल किए। विजय का कहना था कि विपन सभरवाल, चेतन हांडा और उसके साथियों ने उससे 10 लाख की मांग की थी। विजय का आरोप था कि उसने किसी बर्तन व्यापारी से 32 लाख रुपये लेने थे। उसके जीजा ने इस संबंध में विपन सभरवाल से बात की। विपन सभरवाल ने समझौता करवाने के नाम पर 10 लाख रुपये मांगे। उसका यह भी आरोप था कि जो पैसे उसने अपने दोस्त से लेने थे वह भी नहीं मिले। इसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर को विपन सभरवाल, चेतन हांडा व उसके समर्थकों के खिलाफ शिकायत दी थी। वहीं दूसरी तरफ विपन सभरवाल ने पत्रकार वार्ता कर इन आरोपों का खंडन किया था। उनका कहना था कि उसने विजय से कमेटी के पैसे लेने हैं। विजय ने अपने जीजा मनीष के जरिए 10 लाख की कमेटी डाली थी। चौथी कमेटी विजय ने ढाई लाख घाटे पर उठा ली। उसके बाद साढ़े सात लाख रुपये ले गया और किश्तें देने में आनाकानी करने लगा। उसके सारे कमेटी सदस्यों ने विजय से बात की लेकिन विजय ने उन पर झूठे आरोप लगा दिए। इस मामले को लेकर विपन सभरवाल, चेतन हांडा और उसके समर्थकों ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी कि उस पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम किया जा रहा है। पुलिस कमिश्नर ने दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद जांच एसीपी बिमल कान को सौंप दी थी। बुधवार को जब एसीपी बिमल कांत ने दोनों पक्षों को आमने सामने बैठाया तो विजय अपने बयानों से मुकर गया था। वहीं जब उससे यह पूछा गया कि विपन सभरवाल के साथी चेतन हांडा ने उसे धमकियां कब दी, इसका जवाब नहीं दे पाया। इसके साथ ही क्रोकरी व्यापारी को बुलाकर झूठे मामले में विपन सभरवाल को फंसाने के मामले का जवाब भी उसके पास नहीं था। इस दौरान विपन सभरवाल के साथ सफाई मजदूर फेडरेशन पंजाब के प्रधान चंदन ग्रेवाल, सीवरमैन यूनियन पंजाब के प्रधान पवन बाबा, भगवान वाल्मीकि सेना पंजाब के प्रधान नव विकास सिंपू, दलित नेता पुरुषोत्तम सोंधी, भगवान वाल्मीकि मंदिर कोट मोहल्ला के प्रधान दविंदर गोला विकी गिल, जितेंद्र निक्का, गुरप्रीत गोपी, साजन बैंस, अनंत बैंस सहित अन्य मौजूद थे। वहीं इस दौरान विपन सभरवाल के साथ कमेटी डालने वाले 19 अन्य सदस्य भी थे, जिन्होंने एसीपी को अपने बयान दर्ज करवा दिए।
इस संबंध में जब ऐसी भी बिमल कांत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एक पक्ष के बयान ले लिए गए हैं। दूसरे पक्ष के बयान लिए जाएंगे और जांच के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।
