*👉🏻 पटाखों से वायु को प्रदूषित किया तो हो सकती है जेल, लग सकता है 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माना* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
नई दिल्ली,23 अक्तूबर 2019-(हैडलाइन एक्सप्रेस)- दिवाली पर पटाखे फोड़ना अब लोगों को भारी पड़ सकता है। पटाखों के जरिए वायु को प्रदूषित करने पर जेल और करोड़ों रुपए का जुर्माना भी लग सकता है। यह सब पर्यावरण संरक्षण कानून के तहत होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इस बार ज्यादा सख्ती करते हुए दिल्ली में रॉकेट और ज्यादा धमाके वाले बंब पटाखे पूरी तरह से बैन कर दिए हैं।
कोर्ट ने लोगों को सिर्फ ग्रीन पटाखे चलाने की मंजूरी दी है। ग्रीन पटाखों में फुलझड़ी, अनार इत्यादि पटाखे शामिल हैं। क्योंकि इन पटाखों से हवा में प्रदूषण कम होता है। सुप्रीम कोर्ट की बार एसोसिएशन के वरिष्ठ वकीलों ने बताया है कि वायु को प्रदूषित होने से रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम बनाए गए हैं और इनके इलावा सभी राज्यों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का गठन भी किया गया है। जिन्हें वायु प्रदूषण रोकने के आदेश देने और सख्त कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। वरिष्ठ वकील कालिका प्रसाद ने बताया कि प्रदूषण फैलाने वाले लोगों को 3 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपए जुर्माना लग सकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु हर इंसान का मौलिक अधिकार है। अगर कोई इस अधिकार का हनन करता है तो उसे जेल की हवा खानी पड़ेगी। इसलिए अब की बार दिवाली पर पटाखे सोच समझकर ही चलाएं। अगर पटाखे चलाने ही हैं तो ग्रीन पटाखों का उपयोग करें ताकि वायु प्रदूषित ना हो सकें। क्योंकि स्वच्छ वायु के कारण ही इंसान तंदुरुस्त रह सकता है। स्वच्छ वायु हर इंसान का मौलिक अधिकार है।
