*👉🏻 सेहत विभाग की नालायकी फिर आई सामने, सोमवार को जिनके लिए थे सैम्पल उनमें से दो निकले पॉजिटिव, दोनों बस पकड़ पहुंच गए गौरखपुर* *👉🏻 देओल नगर का पॉजिटिव मरीज भी कुछ दिन पहले जा चुका है पासपोर्ट कार्यालय* *👉🏻 इस खबर सम्बंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें👇🏻*
जालंधर, 11 जून 2020-(एच.ई)- सेहत विभाग की नालायकी के किस्से तो अब आम हो चुके हैं। सेहत विभाग से कई बार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की रिपोर्टें गुम हो चुकी हैं, तो कुछ पॉजिटिव मरीजों का सेहत विभाग को पता ही नहीं है। अभी मॉडल हाउस के कोरोना पॉजिटिव मृतक ज्योतिषी का मामला शांत नहीं हुआ था कि दो और मामले सामने आ गए है जो सेहत विभाग की लापरवाही को उजागर करते है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पहला मामला तो यह है कि सेहत विभाग द्वारा सोमवार को जिन लोगों के सैंपल लिए थे उनमें से दो लोगों की कोरोना पॉजिटिव आई है। अब चिंता की बात यह है कि उक्त दोनों पॉजिटिव मरीज जालंधर से बस पकड़ कर गोरखपुर जा चुके हैं। सोचने वाली बात यह है कि सेहत विभाग ने जिन लोगों के सैंपल लिए हैं उन्हें घर पर रहने की हिदायत ही नहीं दी। जिस कारण उक्त दोनों पॉजिटिव मरीज अपने गांव पहुंच गए। दोनों पॉजिटिव मरीज सैंपल देने के बाद किन-किन लोगों को मिले होंगे और बस में सवार होकर कितने लोगों के संपर्क में आए होंगे और उसके बाद अपने गांव पहुंचकर और कितने लोगों से मिल चुके होंगे। यह अब चिंता का विषय बन गया है। दूसरा मामला यह है कि देओल नगर में जो व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव आया है। वह लुधियाना के अस्पताल में उपचाराधीन है जिसे सेहत विभाग ने अभी तक अपनी लिस्ट में शामिल नहीं किया। उक्त मरीज कुछ दिन पहले ही जालंधर अपने घर में होकर गया था और उसके बाद वह किसी काम के सिलसिले में पासपोर्ट कार्यालय भी किया था। अब वह व्यक्ति भी किन-किन लोगों के संपर्क में आ चुका था इसके बारे में सेहत विभाग को सूचना तक नहीं। ऐसे और पता नहीं कितने ही मामले होंगे जो सेहत विभाग दबा कर बैठा हुआ है। ऐसी ही लापरवाही के कारण शहर में कोरोना की चेन लंबी और मजबूत होती जा रही है। अगर पंजाब सरकार द्वारा जालंधर के सेहत विभाग के अधिकारियों पर सख्ती ना की तो वह दिन दूर नहीं जब शहर में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा हो जाएगी।

