*👉🏻 शशी शर्मा व उनके बेटे पर क़ातिलाना हमला करने वाले दलबीरा गैंग के सदस्यों ने अदालत में ही मुख्य गवाह राजीव शर्मा को जान से मारने की धमकी दी* *👉🏻 किसी केस की तारीख के लिए अदालत में गया था मुख्य गवाह राजीव शर्मा,पुलिस आने से पहले ही फरार हो गए धमकी देने वाले बदमाश* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 14 फरवरी 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-मानवाधिकार संगठन पंजाब के प्रधान शशी शर्मा पर और उनके बेटे पर कातिलाना हमला करने वाले दलबीरा गैंग के बदमाशों ने शुक्रवार को मुख्य गवाह राजीव शर्मा को उस समय जान से मारने की धमकी दी, जब वह किसी अन्य केस के सिलसिले में शैरिल सोही की अदालत में गये हुए थे। घटना कोर्ट परिसर की चौथी मंजिल पर हुई। जिसके बाद मामला डीसीपी गुरमीत सिंह के पास पहुंचा। इससे पहले कि पुलिस मौके पर पहुंचती उससे पहले ही धमकी देने वाले बदमाशों की टोली फरार हो गयी। मामले की लिखित शिकायत बारादरी थाने में दी गयी है। मानवाधिकार सुरक्षा फ्रंट के प्रधान राजीव शर्मा का कहना है कि शुक्रवार को उनके एक केस की अदालत में तारीख थी।
वह अदालत में तारीख पर गये हुए थे कि वहां पर सचिन पुत्र बंसीलाल निवासी बस्ती दानिशमंदा व उसके 4-5 साथी आ गए। जिन्होंने आते ही राजीव शर्मा को धमकियां देनी शुरू कर दी। बदमाशों ने कहा कि अगर शशी शर्मा के केस में दलबीरा के खिलाफ गवाही दी तो वह उसे गोलियों से भून देंगे। राजीव शर्मा का कहना है कि इस घटना की सूचना तुरंत ही फोन पर डीसीपी गुरमीत सिंह को दी गई। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो उससे पहले ही बदमाशों की टोली फरार हो गयी। जिक्रयोग है कि 27 नवंबर 2018 को शशी शर्मा व उनके बेटे पर उनके दफ्तर में ही कातिलाना हमला किया गया था। जिसके बाद पुलिस द्वारा दलबीरा व उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में एडिशनल सेशन जज हीरा सिंह गिल की अदालत में राजीव शर्मा की गवाही हो गई है और आरोपियों के वकीलों द्वारा क्रॉस एग्जामिनर अभी बाकी है। जिसकी अगली तारीख 19 फरवरी 2020 की है। आज की घटना के बाद पुलिस ने धमकी देने वाले आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इस घटना से एक बात तो साफ पता चलती है कि आरोपियों के हौंसले इतने बुलंद है कि वह अदालत में भी खुलेआम पहुंच कर गवाह को धमकियां दे रहे हैं।
