*👉🏻 कोरोना वायरस से क्या इनको खतरा नहीं* *👉🏻 शिक्षा विभाग का एक और फरमान.. टीचिंग, नॉन-टीचिंग व अन्य स्टॉफ सदस्य आएंगे ड्यूटी पर* *👉🏻 इस खबर को सम्बंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए किए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 14 मार्च 2020-(एच.ई)-पंजाब में कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार द्वारा सभी सरकारी,अर्द्ध-सरकारी व निजी स्कूलों को 31 मार्च तक बंद रखने के आदेश जारी किए है। परीक्षाएं निर्धारित तिथि पर ही होंगी। मगर इसके बाद शिक्षा विभाग ने एक और फरमान जारी किया है। जिसमें टीचिंग, नॉन-टीचिंग स्टॉफ के इलावा अन्य स्टॉफ सदस्य अपनी ड्यूटी पर आते रहेंगे। अब सोचने वाली बात ये है कि क्या इन लोगों को कोरोना वायरस से बचाव की जरूरत नहीं है। क्या इन लोगों को कोरोना वायरस नहीं हो सकता। अगर बच्चों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए एहतियातन छुट्टी की गई है तो क्या उन्हें पढ़ाने वालों को कोरोना वायरस का डर नहीं है। हर बार ये दोहरी नीति शिक्षा विभाग पर ही क्यों लागू होती है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई नोटीफिकेशन की प्रति इस खबर में लगाई गई है ताकि पता चल सके कि शिक्षा विभाग की दृष्टि में बच्चों का भविष्य संवारने वालों की क्या एहमियत है।

