*👉🏻 ऐसे लोगों के कारण ही शहर में मजबूत होगी कोरोना की चेन, इस क्षेत्र में सुबह से लेकर रात तक गुट बनाकर खड़े रहते हैं लोग* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर,11 अप्रैल 2020-(प्रदीप भल्ला)- जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन शहर को कोरोना वायरस से बचाने के लिए पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कुछ इस तरह के लोग भी शहर में है जो कोरोना वायरस की चेन को मजबूत करने में लगे हुए हैं।
थाना डिवीजन नंबर एक के अंतर्गत पड़ते न्यू शीतल नगर में सुबह से लेकर रात तक प्रवासी लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। इन लोगों में ना तो सोशल डिस्टेंसिंग की समझ है और ना ही साफ-सफाई रखने की तरफ ध्यान। न्यू शीतल नगर में गंदे नाले के पास प्रवासी लोग टोलियां बनाकर खड़े रहते हैं और शोर-शराबा करते रहते हैं। जिनकी वजह से आस-पास रहने वाले लोगों को एक तो संक्रमण फैलने का डर बना रहता है और दूसरा इनके शोर-शराबे के कारण इलाके में शांति भी भंग हो रही है।
इसी क्षेत्र में मुर्गा बेचने वाले व अन्य सामान बेचने की दुकानें भी बिना किसी डर के खुली रहती हैं, जहां पर लोगों की भीड़ भी लगी रहती है। इसी क्षेत्र में रहने वाले कुछ लोगों ने अपना नाम ना छापने की शर्त पर हैडलाइन एक्सप्रेस के संवाददाता को फोन कर बताया कि उनके इलाके में प्रवासी लोगों के कारण कोरोना वायरस फैलने का खतरा बना हुआ है। इलाका निवासियों ने कहा कि शाम होते ही एक मुर्गा बेचने वाला व्यक्ति अपनी दुकान खोल कर बैठ जाता है। जिस की दुकान पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती है। उक्त व्यक्ति की दुकान पर भी प्रवासी लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। इलाका निवासियों ने कहा कि पुलिस को 2 दिन पहले भी शिकायत दी थी जिसके बाद पुलिस ने एक दुकानदार को काबू कर लिया था, लेकिन कुछ समय बाद ही वह दुकानदार वापिस आ गया और अपनी दुकान खोल कर बैठ गया।
इलाका निवासियों ने जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर से मांग की है कि उनके इलाके में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और टोलियां बनाकर खड़े रहने वाले इन लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। अगर इन लोगों पर सख्ती न की गई तो इस इलाके में इस महामारी का प्रकोप पड़ेगा और कई लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। इलाका वासियों ने कहा कि मकसूदां मंडी के बिल्कुल साथ लगते इस क्षेत्र में प्रवासी लोगों का एक बहुत बड़ा गुट रहता है जो सुबह से लेकर रात तक सड़कों पर ही खड़े रहते हैं और शोर-शराबा करते रहते हैं।