एक पंजाबी की किताब को बांटने के लिए सारे स्कूल को बुला लिया प्रिंसिपल ने बोली आना तो पड़ेगा ही मंत्री संतरी की परवाह नहीं
जालंधर। जालंधर में एक सरकारी स्कूल की प्रिंसिपल ने वीरवार को सिर्फ एक पंजाबी की किताब को बांटने के लिए सारे स्कूल के शिक्षकों को बुला लिया। प्रिंसिपल मैडम को कई शिक्षकों ने कहा कि मैडम एक किताब बांटने के लिए हम अभिभावकों को स्कूल बुलाएंगे, फिर साइंस की आ गयी तो क्या दोबारा बुलाएंगे ? फिर मैथ की आ गयी तो क्या तीसरी बार बुलाएंगे ? इससे अच्छा है कि सभी किताबें आ जाने दो, फिर बुला लेंगे लेकिन प्रिंसिपल ने वीरवार को शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला, पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह, प्रदेश शिक्षा सचिव के आदेशों को दरकिनार कर अपनी हकूमत चलाई।
एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी जालंधर के एक सरकारी स्कूल में पढ़ाती है और इसी कारण प्रिंसिपल ने प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला और सरकार के शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार के सारे आदेश छिक्के पर टांग दिये हैं। आदेश है कि सिर्फ 33 फीसदी कर्मचारी ही स्कूल आएंगे, अगर वह भी जरूरी काम या पैंडिंग काम निपटाने लेकिन मैडम का रवैया मैं न मानूं वाला है। हालात यह है कि वीरवार को उक्त प्रिंसिपल ने सारे स्टाफ को जबरन स्कूल बुलाया और न आने पर परिणाम भुगतने की धमकी तक दी।
शिक्षा मंँत्री विजय इंदर सिंगला साफ कह चुके हैं सिर्फ 33 फीसदी स्टाफ अगर जरूरत है तो स्कूल आकर पैंडिंग काम निपटाएगा लेकिन मैडम ने तो पूरा स्कूल का स्टाफ ही धक्के से बुलाना शुरू कर दिया है। कोरोना वायरस का जालंधर में खतरा बंद नहीं हुआ है और अगर एक बार स्कूल परिसर में घुसा तो इसका नुकसान तय है और कैप्टन साफ कह चुके हैं कि हम बच्चों की जिंदगी से नहीं खेल सकते हैं।