*👉🏻 –मामला दलबीरा गैंग के गुर्गों द्वारा अपने ही साथी को गोली मारने का–* *👉🏻 घायल युवक नितिन अरोड़ा उर्फ डेलू ने तोड़ा दम, पुलिस की सुस्त कारवाई के कारण गई युवक की जान* *👉🏻 शशि शर्मा केस के मुख्य गवाह को भी जान से मारने की धमकी दे चुका है आरोपी आकाशदीप* *👉🏻 आरोपी आकाशदीप के पास अवैध असलहा होने की शिकायत थाना प्रभारी से लेकर डीजीपी तक को दी गई थी👇🏻* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 06 जुलाई 2020-(एच.ई)-पुलिस की ढीली कार्रवाई के चलते एक और युवक की जान चली गई। ढीली कार्रवाई इसलिए है क्योंकि युवक को गोली मारने वाले आरोपी आकाशदीप के पास अवैध असला होने की शिकायत थाना प्रभारी से लेकर डीजीपी तक को दी जा चुकी थी, लेकिन फिर भी पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और एक युवक की जान चली गई। शनिवार देर रात 1:00 बजे नितिन अरोड़ा उर्फ डेलू को उसी के साथियों द्वारा गोली मार दी गई थी। जिसके बाद हमलावर घायल अवस्था में नितिन को ऑर्थोनोवा अस्पताल के बाहर फैंक कर फरार हो गए थे। हालत गंभीर होने के कारण नितिन को लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। जहां पर आज इलाज दौरान उसकी मौत हो गई। गौरतलब है कि जेल में बंद दलबीरा, गोपी बाजवा और प्रिंस बाबा नामक गैंगस्टर अपने गुर्गों के जरिए शहर में दहशत का माहौल बनाना चाहते हैं। इसी के चलते शनिवार देर रात 1:00 बजे दलबीरा ग्रुप के सदस्य अमन नामक युवक को गोली मारने की फिराक में देओल नगर के पास बैठकर योजना बना रहे थे। तभी नितिन अरोड़ा उर्फ डेलू की अपने ही साथी रजत गंगोत्रा और आकाशदीप के साथ किसी बात को लेकर बहस हो गई। गुस्से में आए अकाशदीप ने रजत गंगोत्रा के कहने पर नितिन उर्फ डेलू को गोली मार दी थी। जिसके बाद आरोपी घायल नितिन को ऑर्थोनोवा अस्पताल के बाहर फेंक कर फरार हो गए थे। युवक को गोली लगने की सूचना मिलते ही थाना भार्गव कैंप के प्रभारी भगवंत भुल्लर मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। जांच दौरान पुलिस पार्टी ने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज चेक की तो उन्हें पता चला कि नितिन को अस्पताल के बाहर फेंक कर जाने वाले उसी के साथी रजत और आकाशदीप है। जिसके बाद पुलिस ने कुछ ही देर में रजत को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ दौरान रजत ने पूरी घटना के बारे में बता दिया।
युवक की मौत होने की पुष्टि थाना भार्गव कैम्प के प्रभारी भगवंत सिंह भुल्लर ने की है।◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
—-शशि शर्मा केस के मुख्य गवाह को जान से मारने की धमकी दे चुका है आकाशदीप, आरोपी के पास अवैध असलहा होने की शिकायत थाना प्रभारी से लेकर डीजीपी तक को दी जा चुकी है—-
आरोपी आकाशदीप ने शशि शर्मा केस के मुख्य गवाह को जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिसकी शिकायत थाना बारादरी में दी गई थी और साथ ही पीड़ित ने थाना प्रभारी से लेकर डीजीपी तक को यह शिकायत भी दी थी कि आरोपी के पास अवैध असला है जिससे वह वारदात को अंजाम दे सकता है। पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। जिसका अंजाम यह हुआ कि आरोपी ने उसी अवैध असलहे से नितिन अरोड़ा उर्फ डेलू की जान ले ली। ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
—-आरोपी आकाशदीप पहले भी मारपीट के मामले में कर चुका है फायरिंग—-
आरोपी आकाशदीप पर थाना डिवीजन नंबर चार में भी मामला दर्ज है। इसी मामले में आरोपी अपने तीन साथियों सहित गिरफ्तार भी हो चुका है। उस समय पुलिस ने आरोपी आकाशदीप के पास से 95 ग्राम नशीला पाउडर, एक माउजर और दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए थे। आरोपी ने बस्ती बावा खेल में एक मारपीट के मामले में दूसरे पक्ष के युवकों पर फायरिंग कर दी थी। जिसके बाद से आरोपी फरार था और पुलिस ने कुछ समय बाद आरोपी को ज्योति चौक नजदीक से गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और उसने शनिवार देर रात 1:00 बजे अपने ही साथी को गोली मार दी। ◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
–दलबीरा,गोपी बाजवा और प्रिंस का है गुनाहों से पुराना नाता–
दलबीर सिंह और दलबीरा, गोपी बाजवा और प्रिंस बाबा का गुनाह की दुनिया से पुराना नाता है। दलबीर सिंह उस समय चर्चा में आया था जब उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मोता सिंह नगर मार्केट में अपने दफ्तर में बैठे ह्यूमन राइट्स के पंजाब प्रधान शशि शर्मा और उसके बेटे पर कातिलाना हमला किया था। इसी केस में दलबीर सिंह जेल में बंद है। गोपी बाजवा ने भी नेहरू गार्डन रोड पर स्थित सेहरा फील्ड के मालिक के बेटे पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें सेहरा फील्ड के मालिक के एक बेटे की मौत हो गई थी। गोपी बाजवा की बहन पुलिस डिपार्टमेंट में एसआई के पद पर तैनात है। प्रिंस बाबा भी गुनाह दुनिया में एक चर्चित नाम है। यह सभी लोग अपनी दहशत के जरिए शहर का राज करने की योजना बनाए हुए हैं। इसी के कारण ही यह लोग जेल में बंद होने के बावजूद अपने गुर्गों के जरिए शहर में अवैध शराब, सुपारी किलिंग और मैचों पर बुक लगाने का धंधा करते हैं। इसके अलावा इन गैंगस्टरों के ग्रुप के सदस्य शहर में छोटी मोटी वारदातों को अंजाम देकर दहशत का माहौल बनाए रखते हैं।

