सावधान दुनिया ,तानाशाह के हाथ में आ गया खतरनाक ‘महाबम’
नॉर्थ कोरिया ने 100 किलोटन के हाइड्रोजन बम का परीक्षण कर इस बार समूची दुनिया को हिला कर रख दिया. सवाल भूकंप के झटकों से बड़ा है जिससे दुनिया दहल गई है. अब सवाल ये नहीं है कि तीसरा विश्वयुद्ध छिड़ने पर दुनिया का क्या होगा बल्कि बड़ा सवाल ये है कि एक सनकी तानाशाह के हाथ में न्यूक्लियर ताकत आने के बाद दुनिया कितनी सुरक्षित है?
जापान के ऊपर से परमाणु मिसाइल दागने की भड़काऊ हरकत के बाद अब तानाशाह किम जोंग ने अमेरिका को उकसाने के लिये सबसे बड़ा हाइड्रोजन परीक्षण किया है. रविवार को किए गए परीक्षण में हाइड्रोजन बम की ताकत 1945 में नागासाकी पर गिरे बम से पांच गुना ज्यादा शक्तिशाली है. परीक्षण से इलाके में 6.3 तीव्रता के झटके महसूस किये गए. इसकी वजह से रूस, जापान और चीन तक जमीन में थर्राहट महसूस की गई.
बेचैनी के साथ परमाणु तकनीक विकसित कर रहा नॉर्थ कोरिया

साउथ कोरिया का मानना है कि ये परमाणु परीक्षण पिछले साल जनवरी में किये गए परीक्षण से 11.8 गुना ज्यादा शक्तिशाली था. जबकि इससे पहले सितंबर 2016 में किए गए परीक्षण से दस किलोटन ऊर्जा उत्पन्न हुई थी. नॉर्थ कोरिया का दावा है कि इस हाइड्रोजन बम को मिसाइल पर लोड किया जा सकता है. इससे साफ समझा जा सकता है कि नॉर्थ कोरिया कितनी बैचेनी के साथ अपनी परमाणु तकनीक विकसित करने में दिन-रात जुटा हुआ है.
अमेरिकी हमले के ‘ज्ञात भय’ से पहले ही वो खुद को परमाणु संपन्न बना कर सौदेबाजी की बराबरी पर ले आया है. आधा काम उसकी धमकियां करती हैं तो बचा हुआ काम मिसाइलों और परमाणु परीक्षण कर जाते हैं. नॉर्थ कोरिया फिलहाल अमेरिका पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना चुका है. एक तरफ अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि उनके पास ‘टेबल पर सारे विकल्प मौजूद’ हैं तो किम जोंग अपने हथियारों से धमका रहा है कि वो परमाणु हमले के पलटवार के लिये तैयार है.
नॉर्थ कोरिया की धमकी को गंभीरता से लेना होगा अमेरिका को
हालांकि नॉर्थ कोरिया ने बीच में यह कह कर तनाव को कम किया था कि उसकी मिसाइलें अमेरिकी द्वीप गुआम को निशाना नहीं बनाएंगी. लेकिन अब उसके हाइड्रोजन परीक्षण के बाद अमेरिका को उन धमकियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है कि नॉर्थ कोरिया की मिसाइलें अमेरिकी शहर को खाक में मिला देंगीं.
पहली दफे पूरी दुनिया पर परमाणु युद्ध का खतरा मंडरा रहा है जिसमें एक वो देश ताल ठोंक कर परीक्षण पर परीक्षण किये जा रहा है जिस पर संयुक्त राष्ट्र तमाम प्रतिबंध लगा चुका है. इसके बावजूद नॉर्थ कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को बढ़ाए जा रहा है. हाल के महीनों में किए गए मिसाइल परीक्षणों के बाद दुनिया की चिंता बढ़ गई है.
नॉर्थ कोरिया ने अपने संस्थापक राष्ट्रपति किम इल-सुंग की 105वीं जयंती पर 15 अप्रैल को राजधानी प्योंगयांग में परेड जरिये पूरी दुनिया को अपनी सैन्य ताकत दिखाई थी. परेड में नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल और पनडुब्बियां भी शामिल थीं. हालांकि कुछ जानकारों ने नॉर्थ कोरिया के हथियारों को आर्टिफिशियल कह कर मजाक भी उड़ाया था. लेकिन अब हाइड्रोजन बम के धमाकों से उन जानकारों के कान के पर्दे जरूर फट गए होंगे जो नॉर्थ कोरिया के परीक्षणों को लगातार कमतर आंकने में जुटे हुए थे.
इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के बेहद करीब नॉर्थ कोरिया

पिछले पांच साल से नॉर्थ कोरिया लगातार परमाणु और मिसाइल परीक्षण कर रहा है. माना जाता है कि उसके पास अलग-अलग क्षमता की एक हजार से ज्यादा मिसाइलें हैं. अमेरिका के लिये सबसे बड़ी चिंता की ये बात है कि नॉर्थ कोरिया की कई मिसाइलें अमेरिकी शहरों तक पहुंच सकती हैं. अमरीकी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के पास KN 08 मिसाइलें हैं जो अमरीका के कई शहरों को निशाना बना सकती हैं. यहां तक की माना जाता है कि नॉर्थ कोरिया KN 14 नाम से सबसे एडवांस्ड मिसाइल भी तैयार कर चुका है जिसे गुप्त रखा गया है. खुद किम जोंग उन ने दावा किया था नॉर्थ कोरिया इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइ बनाने के बेहद करीब पहुंच गया है.
दुनिया के किसी भी हिस्से में मिसाइल गिराने की ताकत और तकनीक रखने वाले अमेरिका के लिये नॉर्थ कोरिया अब बड़ा सिरदर्द बन चुका है. उसकी मिसाइलों की रेंज और परमाणु हथियार ले जाने की क्षमता की वजह से ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कोरिया को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया था.
केमिकल हथियार बनाने में जुटा नॉर्थ कोरिया
नॉर्थ कोरिया के पास न सिर्फ कई गुना ज्यादा खतरनाक हाइड्रोजन बम हैं बल्कि वो केमिकल हथियार बनाने में भी काफी आगे निकल चुका है. सबसे बड़ी बात ये है कि वो दावा करता है कि परमाणु हमले का पलटवार करने में वो सक्षम है. ऐसे में अमेरिका-दक्षिण कोरिया-जापान की मिली जुली कोई भी कार्रवाई करोड़ों जिंदगियों को खतरे में डालने का काम कर सकती हैं. नॉर्थ कोरिया पर कोई भी आक्रमण इतना आसान नहीं होगा. साठ लाख से ज्यादा सैनिक उसके पास मौजूद हैं तो उसकी जद में दक्षिण कोरिया के शहर हैं. नॉर्थ कोरिया पर नकेल कसने के लिये फिलहाल अमेरिका के पास कोई दूसरा चारा नजर नहीं आता. अगर अमेरिका युद्ध में उतरता है तो फिर चीन और रूस का विरोध विश्व युद्ध की पटकथा लिख सकता है.
