*👉🏻 शहर के मशहूर कॉलोनाइजरों पर मेहरबान पुलिस व प्रशासन* *👉🏻 21 लोगों पर एफआईआर,कहीं नए बिल्डरों को डराने के लिए तो नहीं* *👉🏻 पढ़ें प्रशासन की अवैध कॉलोनियों पर पोलखोल खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 17 दिसंबर 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने कल अलग-अलग थानों में 21 लोगों पर जालंधर डिवेलपमेंट अथॉरिटी की शिकायत पर पंजाब अपार्टमेंट्स एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट 1995 (अमेंडमेंट एक्ट 2014) की अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अवैध कॉलोनी काटकर सरकार को चूना लगाने के कारण इन 21 लोगों पर एफ.आई.आर दर्ज की है। जेडीए द्वारा अवैध कॉलोनी काटने वाले लोगों के खिलाफ शिकायत देना और पंजाब पुलिस द्वारा उन पर एफ.आई.आर दर्ज करना एक प्रशंसनीय कदम है, लेकिन दूसरी तरफ यह कई तरह के सवाल भी खड़े कर रहा है। शहर में ऐसे कितने ही कॉलोनाइजर और बिल्डर्स हैं जिन्होंने कितनी ही अवैध कॉलोनियां काट कर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाया है। 
–कौन है ये बड़े कॉलोनाइजर और बिल्डर–
शहर में ऐसे कितने ही नामचीन कॉलोनाइजर और बिल्डर हैं जिन्होंने सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर अपने ख़ज़ाने भरे हैं। जंडू सिंघा रोड पर पर स्थित दफ्तर में बैठने वाला मशहूर कॉलोनाइजर, मॉडल टाउन में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के घर के पास दफ्तर में बैठने वाला एक बिल्डर, एक मशहूर मैरिज पैलेस, टांडा फाटक के पास स्थित दफ्तर में बैठने वाला कॉलोनाइजर, सरकार के उच्चपद पर आसीन नेता,एक पार्षद,एक समाज सेवक व कांग्रेसी कार्यकर्ता, मकसूदां क्षेत्र का भाजपा नेता,अकाली दल का वरिष्ठ नेता सहित कई ऐसे बिल्डर हैं जो नेताओं की छत्रछाया पर अपना अवैध कॉलोनियों का कारोबार चला रहे हैं।
— क्यों नहीं जाती नगर निगम,जेडीए और पुडा की दृष्टि इन नामचीन लोगों पर–
यह नामचीन लोग कई सालों से अवैध कॉलोनियां काट रहे हैं और इनमें से कुछ लोगों की तो नई कॉलोनियां इन महीनों में ही शुरू भी हुई है, लेकिन सरकारी बाबुओं की जेब गर्म होने के कारण उनकी नजर इन नामचीन लोगों पर नहीं पड़ती। इसीलिए यह लोग अवैध रूप से कॉलोनियां काटकर सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं। इसीलिए आम लोगों की जुबान पर अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या प्रशासन को पहुंच वाले लोग दिखाई नहीं देते या यूं कहिए कि देखते हुए भी वह पहुंच वाले लोगों की तरफ आंख बंद कर बैठे रहते हैं।
