*👉🏻 विधायक तोड़ रहा कानून,क्या इनकी कोई जवाबदेही नहीं* *👉🏻 पाबंदी के बावजूद पहले किया जिम का उद्घाटन और आज गैर निर्धारित स्थान पर लगाया धरना* *👉🏻 अगर सब कुछ केंद्र सरकार ने ही करना है तो पंजाब सरकार ने आज तक क्या किया: अनिल सच्चर, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 12 अप्रैल 2021-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-जिला जालंधर में कोरोना के बढ़ते केसों के कारण कई तरह की पाबंदियां लगाई हुई है। पंजाब सरकार ने पूरे पंजाब में सभी तरह के राजनीतिक, धार्मिक प्रोग्रामों, उद्घाटन समारोहों पर भी पाबंदी लगाई हुई है। इसके इलावा जिलाधीश जालंधर द्वारा शहर में धरना प्रदर्शन करने वालों के लिए कुछ स्थान निर्धारित किए गए हैं। अगर उन स्थानों के इलावा कोई भी किसी अन्य स्थान पर धरना प्रदर्शन करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई होगी ये आदेश भी जिलाधीश द्वारा जारी किए गए थे, लेकिन जालंधर सेंट्रल क्षेत्र के विधायक राजेंद्र बेरी इन नियम कानूनों को नहीं मानते। यह कहना है शहर के आम नागरिकों का। मकसूदां के रहने वाले मनप्रीत,उजाला नगर के राहुल,रामामंडी के जगमोहन, देओल नगर के दीपक और जवाहर नहर के सन्नी व मनोज ने कहा कि राजिंदर बेरी ने बीते दिनों शहर में एक जिम का उद्घाटन किया था जिसके कारण वह चर्चा में रहे थे जबकि सरकार द्वारा इन पर पाबंदी लगाई हुई है। इस बात को अभी कुछ दिन ही बीते है कि विधायक राजिंदर बेरी ने आज एक और कानून की उल्लंघना कर दी। आज जालंधर सेंट्रल के कांग्रेसी विधायक राजिंदर बेरी ने अपने समर्थकों के साथ बीएमसी चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना दिया। धरना प्रदर्शन करने के लिए जिलाधीश ने जिन स्थानों को निर्धारित किया था बीएमसी चौक उस में नहीं आता। इसी कारण विधायक राजिंदर बेरी ने उन आदेशों की उल्लंघना भी कर दी। वैसे तो जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन छोटी सी गलती पर ही आम जनता के धड़ाधड़ चालान कर रहा है और उन पर कानूनी कार्रवाई भी कर रहा है। मगर विधायक साहब पर कार्रवाई करने की हिम्मत प्रशासन जुटा नहीं पा रहा। इसीलिए लोगों में चर्चा है कि कानून सिर्फ आम लोगों पर ही लागू होते हैं सत्ताधारियों या लीडरों पर यह नियम कानून लागू नहीं होते। विधायक चाहे जितने मर्जी कानून तोड़े उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती। मगर मजबूरीवश अगर किसी आम व्यक्ति से छोटी सी गलती हो जाये तो उस पर कानून का डंडा चल पड़ता है। इसीलिए पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन को चाहिए कि वह सभी को एक तराजू में ही तोलें। अगर कोई आम नागरिक या कोई लीडर कानून तोड़ता है तो उस पर एक प्रकार की कार्रवाई होनी चाहिए। यह नहीं कि लीडर को कानून तोड़ने की छूट हो। 
–जालंधर में पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन और ऑक्सिजन की सप्लाई को लेकर विधायक राजिंदर बेरी ने लगाया था केंद्र सरकार के खिलाफ धरना–
जालंधर सेंट्रल क्षेत्र के विधायक राजेंद्र बेरी ने आज अपने साथियों सहित बीएमसी चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना लगाया। राजिंदर बेरी ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जिले में वैक्सीन और ऑक्सिजन की पर्याप्त मात्रा में सप्लाई हो ताकि जल्द से जल्द सभी लोगों को वैक्सीन की डोज दी जाए और ऑक्सिजन की कमी को पूरा किया जाए।
–विधायक साहब अगर सब कुछ केंद्र सरकार ने ही करना है तो आप की सरकार क्या कर रही है: अनिल सच्चर–
इसी मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल सच्चर ने सेंट्रल क्षेत्र के विधायक राजिंदर बेरी और पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि महामारी की पहली लहर के समय केंद्र सरकार द्वारा गरीब लोगों को जो राशन भेजा गया था वह भी जालंधर शहर की गरीब जनता तक नहीं पहुंच पाया।
अब भी केंद्र सरकार द्वारा लोगों की जान बचाने के लिए फ्री में वैक्सीन भेजी गई जिसे पंजाब सरकार सही तरीके से लोगों तक पहुंचा ही नहीं पाई और ना ही लोगों को वैक्सीन के प्रति जागरूक कर पाई। अनिल सच्चर का कहना है कि केंद्र सरकार ने तो अपनी जिम्मेदारी पूरी इमानदारी से निभाई है और गरीब लोगों के 5-5 लाख के बीमे भी किए हैं। मगर राज्य सरकार ने लोगों में भ्रम पैदा करने के इलावा क्या किया है। अब अगर सब कुछ केंद्र सरकार ने ही करना है तो पंजाब सरकार क्या कर रही है। पंजाब सरकार व उनके नुमाइंदे लोगों को सिर्फ केंद्र सरकार के खिलाफ बहकाने और भड़काने में ही लगे हुए हैं। पंजाब सरकार अपने कार्यों में तो पूरी तरह से विफल है उल्टा वह भ्रामक प्रचार कर अपनी गलतियों को छुपाने में लगी हुई है। पंजाब सरकार को चाहिए कि वह पंजाब की जनता की जिंदगी बचाने के लिए खुद भी कोई प्रयास करें।
