*👉🏻 शिक्षा मंत्री से बड़े हो गए सरकारी स्कूलों के मुख्य अध्यापक-मुख्यअध्यापिकाएं* *👉🏻 गर्मियों की छुट्टियों के आदेशों के बावजूद अलग-अलग तरीके अपनाकर टीचर्स को बुलाया जा रहा स्कूल और जूम क्लासेस लगाने का बना रहे दबाव* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 28 मई 2021-(हैडलाइन एक्सप्रेस डेस्क)-शिक्षा मंत्री पंजाब विजय इंद्र सिंगला ने सभी सरकारी, अर्द्ध सरकारी और निजी स्कूलों में 24 मई से 23 जून तक गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान किया है। वैसे तो कोरोनावायरस के चलते सभी स्कूल बंद है लेकिन टीचर्स को स्कूल बुलाया जा रहा था। गर्मियों की छुट्टियों बारे शिक्षा मंत्री के आदेशों में स्कूल टीचर और स्कूल स्टाफ को भी इस 1 महीने के लिए राहत दी गई है। आदेशों के अनुसार सभी स्कूल टीचर व स्टॉफ सदस्य घर पर ही रहेंगे। इसके इलावा ऑनलाइन क्लास भी ना लगाने के आदेश जारी हुए हैं। मगर सरकारी स्कूलों के मुख्य अध्यापक व मुख्य अध्यापिकाएं शिक्षा मंत्री से भी बड़े बन बैठे हैं। जिला जालंधर और जिला कपूरथला के ज्यादातर सरकारी स्कूलों के मुखियों द्वारा टीचर्स को अलग-अलग तरीके अपनाकर स्कूल बुलाया जा रहा है। सरकारी स्कूलों के मुख्य अध्यापक व मुख्य अध्यापिकाएं टीचर्स को यह कहकर स्कूल बुला रहे हैं कि वह नई किताबों को बच्चों में वितरित करने के लिए स्कूल पहुंचे। इसके इलावा टीचर्स पर गर्मी की छुट्टियों में जूम क्लासेज लगाने का भी दबाव बनाया जा रहा है जबकि शिक्षा मंत्री के आदेशों में साफ लिखा है कि टीचर घर पर ही रहेंगे और ऑनलाइन स्टडी भी इस 1 महीने के लिए बंद रहेगी। मगर ज्यादातर सरकारी स्कूलों के मुख्य अध्यापक/अध्यापिकाएं अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। जब कुछ सरकारी स्कूलों मुखियों से इस विषय के बारे में बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें तो जिला जालंधर और जिला कपूरथला के डीईओ के आदेश हैं कि ऑनलाइन क्लासेज लगाई जाए और टीचर्स को स्कूल बुलाकर किताबें बांटी जाए। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आने वाले कुछ दिनों में स्कूल टीचर और स्कूल स्टाफ को इस 1 महीने की छुट्टियों के दौरान भी स्कूल बुलाया जाएगा। रोटेशन की नीति अपनाते हुए स्कूल टीचर स्कूल आएंगे और पूरी टाइमिंग स्कूल में बैठेंगे। अगर शिक्षा विभाग द्वारा अध्यापकों को स्कूल ही बुलाना था तो छुट्टियों का ढंग क्यों किया गया। बहुत से टीचर्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिक्षा विभाग पूरी तरह से दबाव बना रहा है और इस कोरोना काल के दौरान भी टीचर्स को स्कूल बुलाकर उनकी जान को जोखिम में डाल रहा है। पिछले कुछ समय में सैंकड़ों टीचर कोरोना की चपेट में आए है और कईयों ने अपनी जान भी गंवा दी है।
–क्या कहना है जिला कपूरथला के डीईओ गुरदीप सिंह का–
जब इस बारे में जिला कपूरथला के डीईओ गुरदीप सिंह गिल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा जब वीडियो कांफ्रेंस की जाती है तो उस समय अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाती है अन्यथा अध्यापकों को स्कूल नहीं बुलाया जा रहा, लेकिन जब उनसे किताबें बांटने या जूम क्लासों के बारे में पूछा गया तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। इससे तो यही पता चलता है कि मुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री के आदेश सिर्फ कागजों में ही होते हैं, क्योंकि शिक्षा विभाग इन आदेशों को नहीं मानता और अपनी मनमर्जी के मुताबिक ही कार्य करता है।
