*👉🏻 पुलिस ने अपने संरक्षण में उड़वाई हाइकोर्ट के आदेशों की धज्जियां* *👉🏻 रात 12:45 तक खुली रही पटाखा मार्किट* *👉🏻 क्या पटाखा विक्रेता व पुलिस पर चलेगा हाइकोर्ट का डंडा*

जालंधर-हाइकोर्ट के आदेशों पर पटाखा बेचने वालों के टेंपरेरी लाइसेंस रद्द किए गए थे और कल शाम 20 लोगों को पटाखा बेचने का लाइसेंस ड्रा द्वारा दिया गया था। जिसके बाद बर्ल्टन पार्क में 20 दुकानदारों द्वारा पटाखा बेचा जाना था। पटाखा बेचने की भी समय सीमा तय की गई थी। लेकिन इस के विपरीत 20 की बजाय सभी दुकानें खुली रही और वह भी रात 12:45 तक। हालांकि पुलिस की गाड़ी बर्ल्टन पार्क में खड़ी रही लेकिन दुकानों को निर्धारित समय पर बंद करवाने के लिए नहीं बल्कि हाइकोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़वाने के लिए। पुलिस का काम था कि माननीय पंजाब हरियाणा हाइकोर्ट के आदेशों की पालना करवाई जाए। लेकिन इसके उलट पुलिस की मौजूदगी में दुकानें खुली रही। इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस के संरक्षण में हाइकोर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाई गई। बर्ल्टन पार्क में देर रात तक दुकानें खुली रहने के कारण शहर में यही चर्चा हो रही है कि पुलिस सिर्फ आदेशों तक ही सीमित रहती है ना कि उनकी पालना करवाने में। वैसे तो हमने कल ही बता दिया था कि पटाखा बेचने वालों की सभी दुकानें ही खुलेंगी और ऐसा तभी सम्भव होगा जब पुलिस की मिलिभगत होगी। लेकिन देर रात तक पटाखा मार्किट खुली रहने पर ये साबित हो गया है कि ऐसा पुलिस की मिलीभगत से ही हुआ होगा। अब देखना ये है कि क्या पटाखा मार्किट के दुकानदारों के साथ-साथ पुलिस पर भी माननीय पंजाब हरियाणा हाइकोर्ट का डंडा चलेगा या अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए पुलिस हरकत में आएगी।

