चंडीगढ़ सीट पर बीजेपी-कांग्रेस को टक्कर दे रहा 5वीं पास चायवाला

लोकसभा चुनाव अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। सभी पार्टियों के साथ-साथ कुछ निर्दलीय उम्मीदवार भी इन आम चुनावों में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। ऐसे ही एक प्रत्यासी हैं चंडीगढ़ लोकसभा से। पांचवी पास ये कैंडिडेट पहली बार चुनाव मैदान में हैं। सालों से चाय बेचने वाले विनोद क्षेत्र की बदहाली से परेशान होकर अमीरों के खिलाफ अपना झंडा बुलंद कर रहे हैं। 50 साल के विनोद कुमार चंडीगढ़ के सेक्टर-24 की मार्केट में 20 साल से चाय का स्टॉल लगाते आ रहे हैं। शुरूआती दिनों में उन्होंने चंडीगढ़ में रिक्शा भी चलाया था। उन्होंने अपने एफिडेविट में बताया है कि उनके पास कोई प्रॉपर्टी नहीं है। उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस जैसी दिग्गज पार्टियों के सामने अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया है। यह भी देखें: लोकसभा चुनाव 2024: अशोक गहलोत ने कर दी सबसे बड़ी भविष्यवाणी, इस वजह से BJP की 200 से कम सीट आएगी 20 साल से लगा रहे हैं चाय का ठेला न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक विनोद कुमार ढोल की थाप और चाय बनाते-बनाते अपना प्रचार कर रहे हैं। विनोद चंडीगढ़ की लगभग हर गली, हर सड़क से वाकिफ हैं। रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती दौर में विनोद ने 5 साल तक चंडीगढ़ में रिक्शा चलाया था। लोगों के कहने पर बाद में उन्होंने सेक्टर-24 में 20 साल पहले चाय का ठेला लगाना शुरू कर दिया। लोकसभा चुनाव 2024 संसदीय क्षेत्र | प्रत्याशी | चुनाव तिथियां विनोद कुमार को चुनाव मैदान में उतरने के लिए लोगों ने काफी प्रोत्साहित किया। विनोद का कहना है कि लोगों की दिल की बात सुनकर उन्होंने इस बार प्रत्याशी के तौर पर लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया। 5 बजे से शुरू करते हैं प्रचार, 9 बजे से लगाते हैं चाय की स्टॉल विनोद सुबह 5 बजे से अलग-अलग कॉलोनी-मार्केट में घूम-घूम कर चुनाव प्रचार करते हैं और फिर 9 बजे से अपने चाय की स्टॉल लगा लेते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने चुनाव मैदान में उतर कर अमीरों के खिलाफ बिगुल बजाया है। नेता चुनाव में वादे तो बहुत करते हैं पर जनता की समस्या का निदान कोई नहीं करता है इस कारण उन्होंने खुद चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
टॉर्च का निशान है चुनाव चिन्ह
विनोद की चाय दुकान पर जो भी लोग चाय पीने आते हैं वो उनसे उनसे हाथ जोड़कर अपने लिए वोट करने की अपील करते हैं। विनोद कुमार को चुनाव चिन्ह के तौर पर टॉर्च है। उन्होंने अपनी दुकान के बाहर टॉर्च के निशान के झंडे भी लगा रखे हैं।



