बेशुमार दौलत के मालिक जो बेचते हैं दुनिया की सबसे पुरानी ‘शाही सवारी’! 1,00,000 करोड़ का साम्राज्य

नई दिल्ली: भारतीय उद्योग जगत में लाल परिवार एक ऐसा नाम है जो सफलता और प्रेरणा का प्रतीक है। इस परिवार के मुखिया विक्रम लाल हैं। वह अपनी दूरदर्शिता, कठोर परिश्रम और अटूट लगन के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने न केवल आयशर मोटर्स को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया, बल्कि देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयशर मोटर की सबसे प्रसिद्ध उपलब्धि रॉयल एनफील्ड है। इस शाही सवारी को दुनिया की सबसे पुरानी लगातार तैयार होने वाली मोटरसाइकिल के रूप में जाना जाता है। आइए, यहां विक्रम लाल के बारे में जानते हैं।
विक्रम लाल का जन्म 1942 में हुआ। उन्होंने जर्मनी के टेकनिशे यूनिवर्सिटेट डार्मस्टैड से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। विक्रम लाल 1966 में आयशर इंडिया से जुड़े। इस कंपनी की नींव उनके पिता ने डाली थी। 1959 में एक जर्मन साझेदार के साथ कंपनी ने ट्रैक्टरों का निर्माण शुरू किया था। 1986 में आयशर मोटर्स ने हल्के वाणिज्यिक वाहनों का निर्माण शुरू किया। यह कंपनी के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। बाद में आयशर मोटर्स ने भारी वाहनों को लान्च कर भारत के कमर्शियल वीकल मार्केट में अपनी जगह बनाई।आयशर मोटर्स रॉयल एनफील्ड बनाने के लिए मशहूर है। इसे दुनिया की सबसे पुरानी लगातार तैयार की जाने वाली मोटरसाइकिल के रूप में जाना जाता है। यह अपने टाइमलेस लुक के लिए कई पीढ़ियों से सराही जाती रही है। फोर्ब्स के अनुसार, विक्रम लाल की नेटवर्थ करीब 8.1 अरब डॉलर (68,442 करोड़ रुपये) है। वर्तमान में आयशर मोटर्स का बाजार पूंजीकरण 1,00,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। विक्रम लाल भारत के सबसे धनी व्यक्तियों में से एक हैं।विक्रम और अनीता के बेटे सिद्धार्थ लाल ने आयशर मोटर्स की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पूर्व सीईओ और वर्तमान प्रबंध निदेशक के रूप में सिद्धार्थ ने रॉयल एनफील्ड को पुनर्जीवित किया और इसे एक मोटरसाइकिल दिग्गज में बदल दिया। इससे मार्च 2022-23 तक वित्तीय वर्ष में 8,00,000 से अधिक वाहनों की बिक्री हुई। आयशर मोटर्स के अलावा सिद्धार्थ वीई कॉमर्शियल वीकल्स समेत अन्य समूह इकाइयों में शीर्ष पदों पर हैं।






