👉🏻 प्रचार कर रहे आजाद उम्मीदवार को पुलिस ने किया राउंडअप, किसी मामले में जांच करने के लिए ले गए थाने, समर्थकों ने “आप” सरकार पर लगाया धक्केशाही का आरोप
👉🏻 “आप”पार्टी से बागी होकर आजाद चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों पर पुलिस द्वारा बना रही दबाव, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻
जालंधर, 18 दिसम्बर 2024-(एच.ई)-आम आदमी पार्टी की सरकार निगम चुनाव में बागी हुए नेताओं या जिन उम्मीदवारों का अपने क्षेत्र में जोर है लेकिन वह आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं उनसे घबरा गई है।
इसी कारण वह पुलिस प्रशासन के द्वारा दबाव बनाकर उन उम्मीदवालों को या तो अपने पक्ष में ला रही है या फिर उन्हें चुनाव से पीछे हटने के लिए मजबूर कर रही है। यह आरोप लगाए हैं कुछ ऐसे ही उम्मीदवारों ने जो आम आदमी पार्टी से बागी होकर आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ इन आरोपों को उसे समय मजबूती मिल गई। जब वार्ड नंबर 60 से आजाद उम्मीदवार के तौर पर जसबीर सिंह आनंद नामक उम्मीदवार को बस्ती बावा खेल के प्रभारी ने चुनाव प्रचार दौरान ही उठा लिया। जसवीर सिंह आनंद आज शाम प्रचार करने निकले तो उन्हें बस्ती बाबा खेल के प्रभारी ने किसी मामले में जांच के लिए थाने चलने का कहकर प्रचार से ही उठा लिया।
जिसकी वीडियो भी सामने आई है। इसके बाद जसबीर सिंह के समर्थकों ने आरोप लगाए कि ये सब कुछ आम आदमी पार्टी की सरकार कर रही है क्योंकि जसबीर सिंह अपने क्षेत्र से मजबूत उम्मीदवार है वह उन्हें चुनाव से हटाना चाहती है ताकि आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार चुनाव जीत सके लेकिन यह धक्केशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ऐसा ही कारनामा पुलिस प्रशासन ने आबादपुरा से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी के साथ भी किया था। वह प्रत्याशी पहले “आप” सरकार का ही नेता था लेकिन जब उसे टिकट नहीं मिली तो वह नाराज होकर आजाद उम्मीदवार के तौर पर खड़ा हो गया। उक्त वार्ड ही वह जीत का प्रबल दावेदार था। जिसका पता मौजूदा सरकार को चला तो उन्होंने उसपर दबाव बनाने के लिए प्रशासन का सहारा लिया। पुलिस प्रशासन ने उक्त प्रत्याशी को किसी पुराने मामले में सम्मिलित होने का कहकर जांच के लिए बुलाया और उस पर दबाव बनाया कि वह या तो आम आदमी पार्टी के पक्ष में आ जाए या चुनाव से पीछे हट जाए। इसके बाद उक्त प्रत्याशी किसी झंझट में ना पड़ने के कारण फिर से आम आदमी पार्टी के पक्ष में हो गया। इन्हीं मामलों को लेकर शहर में चर्चा है कि आम आदमी पार्टी की सरकार गलत तरीकों से और सरकारी तंत्र का उपयोग करके चुनाव जीतना चाहती है। लेकिन जनता समझदार है और वह काबिल उम्मीदवार को ही वोट करने का मन बना चुकी है। ऐसे हत्थकंडे अपना कर सरकार अपनी किरकिरी करवा रही है।
