पंजाब का शातिर चेन स्नैचर देहरादून में गिरफ्तार, चेन और बाइक बरामद

शहर में आतंक का पर्याय बने शातिर चेन स्नेचर को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से स्नेचिंग में इस्तेमाल की गई बाइक और सोने की दो चेन बरामद हुई हैं। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
एसएसपी ने शातिर को पकड़ने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये का ईनाम दिया। शुक्रवार को प्रेसवार्ता में एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने बताया कि आरोपी ने नौ मई 2018 को बल्लूपुर में एक्टिवा सवार महिला की चेन लूटी थी।
घटना को अंजाम देने के बाद वह गोविंदगढ़ के रास्ते फरार होकर अपने कमरे पर पटेल नगर चला गया। इसके बाद 19 मई 2018 को उसने फिर नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में स्कूटी सवार महिला की चेन लूट ली। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस टीम तैयार की गई।
पुलिस टीम ने विभिन्न घटना स्थलों में सीसीटीवी फुटेज एवं कंट्रोल रूम के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर यामाहा फ्रेजर बाइक सवार एक दुबले पतले युवक द्वारा चेन स्नैचिंग करना सामने आया। बाइक सवार युवक की फोटो तैयार कर जनपद के सभी थाना क्षेत्रों में भेजी गई।
फोटो के आधार पर पता चला कि युवक पंजाब का शातिर चेन स्नेचर है। वह पंजाब में चेन स्नेचिंग व अन्य मुकदमों में भी वांछित है। गुरुवार शाम बिंदाल तिराहे पर चेकिंग के दौरान यामाहा फ्रेजर बाइक के साथ वह पकड़ में आ गया।
पूछताछ में उसने अपना नाम कनव ठाकुर (28 वर्ष) पुत्र विनय सिंह निवासी गली नं.-14 थाना कोट हरनाम दास, अमृतसर पंजाब और हाल निवास गुरुद्वारा रोड पटेलनगर देहरादून बताया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया।
स्नैचिंग के बाद चला जाता था पंजाब
आरोपी कनव ठाकुर चेन स्नैचिंग को अंजाम देने के बाद पंजाब चला जाता था। आरोपी हेरोइन के नशे का आदी है। वह करीब डेढ़ साल से देहरादून में रह रहा है। वह प्राइवेट कम्पनी के लिये बिजली के मीटर ठीक करने का काम करता है।
अंतरजातीय प्रेम विवाह के कारण उसके घरवालों ने उसे निकाल दिया था। नशे की लत और परिवार चलाने के लिए वह चेन स्नैचिंग करने लगा। पूछताछ में उसने बताया कि अमृतसर में सी डिवीजन थाना क्षेत्र में वर्ष 2014-2015 में साथियों के साथ उसने चेन स्नैचिंग शुरू की थी।
भाई की बाइक से करता था स्नैचिंग
आरोपी के पास भाई की बाइक है। इसी बाइक से ही वह घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपी का इंजीनियर भाई देहरादून में तैनात था। कुछ समय पहले उसका तबादला हो गया है। तब से आरोपी अकेला ही रहता है।

