सिगरेट पर लग सकती है रोक, अगले कुछ घंटों में मोदी लेंगे फैसला
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज कैबिनेट की अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में इलेक्ट्रिक सिगरेट (e-cigarettes) के इम्पोर्ट, प्रोडक्शन और बिक्री पर बैन के अध्यादेश पर विचार हो सकता है.
नियम तोड़ने पर जेल की सजा का प्रावधान मुमकिन है. हाल ही में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) द्वारा Prohibition of E Cigerettes Ordinance2019 को जांचा गया था. ग्रुफ ऑफ मिनिस्टर्स ने इसमें मामूली बदलाव का सुझाव दिया था. यह अध्यादेश आज कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. दोपहर 3 बजे वित्त मंत्री और प्रकाश जावड़ेकर कैबिनेट की प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.
इस अध्यादेश में हेल्थ मिनिस्ट्री ने पहली बार नियमों के उल्लंघन पर एक साल तक की जेल और 1 लाख रुपये का जुर्माना का प्रस्ताव दिया है. वहीं एक से अधिक बार नियम तोड़ने पर मिनिस्ट्री ने 5 लाख रुपये जुर्माना और 3 साल तक जेल की सिफारिश की है.
प्रतिबंध लगाना मोदी सरकार की प्राथमिकता
ई-सिगरेट, हीट-नॉट-बर्न स्मोकिंग डिवाइसेस, वेप एंड ई-निकोटीन फ्लेवर्ड हुक्का जैसे वैकल्पिक धूम्रपान उपकरणों पर प्रतिबंध लगाना अपने दूसरे कार्यकाल में मोदी सरकार के पहले 100 दिनों के एजेंडे की प्राथमिकताओं में था.
अगर सरकार एक अध्यादेश लाती है, तो उसे संसद के अगले सत्र में एक विधेयक के साथ प्रतिस्थापित करना होगा. एक बार जब संसद बिल को मंजूरी दे देती है, तो ऐसे उत्पादों पर प्रस्तावित प्रतिबंध को कानूनी समर्थन मिल जाएगा.
न्यूयॉर्क में बैन हुई फ्लेवर्ड ई-सिगरेट
न्यूयॉर्क के डोमेस्टिक गवर्नर ने टीनेजर्स और यूथ के बीच इस सिगरेट से बढ़ रही फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों की बढ़ती संख्या पर चिंता जाहिर करते हुए इमरजेंसी मीटिंग बुलाई. इसके बाद यहां ई-सिगरेट को पूरी तरह बैन कर दिया गया है. यूनाइटेड स्टेड में मिशिगन के बाद न्यूयॉर्क सिटी दूसरा ऐसा स्टेट बन चुका है, जहां फ्लेवर्ड ई-सिगरेट पर बैन लगाया जा चुका है.

