*👉🏻 तहसील-1 का सीनियर सहायक ऑफिसर बीस हज़ार रुपये रिश्वत लेते विजिलेंस ने पकड़ा* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें*
जालंधर,4 अक्तूबर 2019-(प्रदीप भल्ला)- विजिलेंस ब्यूरो जालंधर ने दफ्तर तहसील-1 के सीनियर सहायक ऑफिसर को बीस हज़ार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ काबू किया है।
जानकारी देते हुए एसएसपी विजिलेंस दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि उन्हें हेमंत कुमार पुत्र अशोक कुमार निवासी मखदूमपुरा ने शिकायत दी थी कि वह ट्रांसपोर्ट का काम करता है। उसके पिता अशोक कुमार और चाचा मदनलाल ने मखदूमपुरा में 10 मरले और 10 गज का एक प्लाट 15 जनवरी 1982 को बोली के दौरान खरीदा था। जिसका सर्टिफिकेट तहसीलदार सेल्स जालंधर द्वारा 31/07/1987 को उनके नाम पर जारी किया गया था, लेकिन उसका इंतकाल पिता और चाचा के नाम पर दर्ज नहीं हुआ था। उसी प्लाट का इंतकाल करवाने के लिए शिकायतकर्ता ने राजन चौहान सीनियर सहायक दफ्तर तहसील-1 को एप्लीकेशन दी थी। पहले तो राजन चौहान शिकायतकर्ता को काफी दिनों तक काम होने का दिलासा देता रहा, लेकिन 3 अक्तूबर को राजन चौहान ने शिकायतकर्ता को फोन करके दफ्तर आकर मिलने के लिए कहा। जैसे ही शिकायतकर्ता राजन चौहान से मिला तो उसने काम के एवज में बीस हज़ार रुपये रिश्वत की मांग कर दी। रुपए ना देने पर राजन चौहान ने काम ना होने की बात भी कही।
जिसके बाद शिकायतकर्ता हेमंत कुमार ने विजिलेंस ब्यूरो को शिकायत कर दी। शिकायत मिलने के बाद डीएसपी विजिलेंस निरंजन सिंह की अगुवाई में टीम ने हेमंत कुमार को 20 हज़ार रुपये बतौर रिश्वत राजन चौहान को देने के लिए भेजा। जैसे ही राजन चौहान ने उक्त राशि पकड़ी तो विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ काबू कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो ने सीनियर सहायक अवसर पर मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है।
