*👉🏻 पत्रकार निखिल शर्मा को घर में ही क्वॉरेंटाइन करने के आदेश देने वाले जिला प्रशासन के खिलाफ एकजुट हुए पत्रकार भाईचारे के लोग* *👉🏻 सोशल डिस्टेंसिंग के साथ किया जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 30 मार्च 2020-(प्रदीप भल्ला)-निज़ातम नगर में कोरोना संक्रमित पाई गई वृद्ध महिला के मामले में जिला प्रशासन की पोल खोलने वाले वरिष्ठ पत्रकार निखिल शर्मा को जिला प्रशासन ने 14 दिनों के लिए घर में ही क्वॉरेंटाइन करने का आदेश दिया था।
प्रशासन ने यह फैसला इसलिए सुनाया था क्योंकि निखिल शर्मा ने जिला प्रशासन की नालायकी उजागर कर दी थी। जिसके बाद बौखलाए जिला प्रशासन ने निखिल शर्मा को ही घर में 14 दिनों के लिए कैद कर दिया। जिला प्रशासन के इस गलत फैसले के खिलाफ पत्रकार भाईचारे में रोष उत्पन्न हो गया। प्रशासन को आईना दिखाने और उच्च अधिकारियों तक जालंधर जिला प्रशासन के गलत फैसले को पहुंचाने के लिए आज पत्रकारों ने जिलाधीश दफ्तर के बाहर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ निखिल शर्मा के हक में एकत्रित होकर जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पत्रकारों ने अपने हाथों में निखिल शर्मा के हक में लिखे हुए स्लोगन के बैनर पकड़े हुए थे। इन बैनर पर यह लिखा हुआ था कि निखिल शर्मा को घर में कैद क्यों किया गया। क्या पत्रकार द्वारा सच्चाई सामने लाना एक गुनाह है या जिला प्रशासन की नालायकी को उजागर करना गलत है। इस प्रदर्शन में वरिष्ठ पत्रकार सुरिंदर पाल, सुक्रांत सफरी, हरीश कुमार, संदीप साही, सुनील रुद्रा, सुधीर पुरी, विशाल सिप्पी, मोनू सभरवाल, गौरव बस्सी के साथ अलग-अलग अखबारों और न्यूज़ चैनल के पत्रकार मौजूद थे। सभी पत्रकारों ने चम्मच खड़का कर जिला प्रशासन को जगाने की कोशिश की। प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों ने बताया कि जिला प्रशासन ने निखिल शर्मा को घर में क्वॉरेंटाइन करने का यह तर्क दिया है कि वह निजातम नगर में रहता है और संक्रमित महिला के संपर्क में आया होगा,
लेकिन निखिल शर्मा उक्त महिला के संपर्क में पिछले 25 दिनों से नहीं आया था। अगर निखिल शर्मा को इस वजह से क्वॉरेंटाइन किया गया है तो इस होली समारोह पर निखिल शर्मा पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा के साथ भी मिला था और उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाई थी। अब अगर इस तरह से देखा जाए तो उक्त अधिकारियों को भी घर में क्वॉरेंटाइन किया जाना चाहिए, लेकिन प्रशासन ने अपनी पोल खुलने के डर के कारण ही निखिल शर्मा को सपरिवार क्वॉरेंटाइन करने का आदेश दिया है।
( तस्वीरें हरीश कुमार )
