JIO ने बढ़ाई बैंकों की चिंता,लग सकता है यह बड़ा झटका
दिल्ली: मुकेश अम्बानी की तरफ से जीयो फोन की लॉचिंग के बाद ब्रोडबैंड सेवा मुहैया करवाने वाली सैल्यूलर कम्पनियों व मोबाइल फोन निर्माता कम्पनियों के साथ बैंकिंग सैक्टर की चिंता भी बढ़ गई है। यह चिंता जियो की तरफ से बाकी सैल्यूलर कम्पनियों को होने वाले नुक्सान के चलते है। माना जा रहा है कि जीयो की इस नई लॉचिंग के साथ देश के बाजार में काम कर रही एयरटैल, वोडाफोन, आइडिया समेत सभी बड़ी कम्पनियों को नुक्सान पहुंचेगा। देश का टैलीकाम सैक्टर पहले ही 8 लाख करोड़ के बड़े ऋण तले दबा हुआ है और इस कर्ज के और बढऩे का अंदेशा जाहिर किया जा रहा है।
8 लाख करोड़ के इस कर्ज में भारतीय बैंकों द्वारा दिए गए कर्ज के अलावा विदेशी कर्ज व हर साल स्पैक्ट्रम की फीस के रूप में जाने वाली किस्त भी शामिल है।
यह बढ़ता कर्ज न सिर्फ आर.बी.आई. के लिए चिंता का विषय बना हुआ है बल्कि उन बैंकों के लिए भी आने वाले समय में बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है, जिन बैंकों का पैसा बड़ी-बड़ी सैल्यूलर कम्पनियों में लगा हुआ है। आज हम टैलीकॉम क्षेत्र और बढ़ते कर्ज तथा जीयो के साथ उस पर पडऩे वाले प्रभाव का विश्लेषण करेंगे।

8 लाख करोड़ का कर्ज, बिगड़ सकती है बैंकों की बैलेंस शीट
ग्लोबल रेटिंग एजैंसी फिच का मानना है कि यदि भारत की टैलीकॉम कंपनियां, बैंकों से लिए गए कर्ज के मामले में डिफाल्ट करती हैं तो इससे बैंकों की बैलेंस शीट बिगड़ सकती है। टैलीकॉम कम्पनियों पर कुल 8 लाख करोड़ का कर्ज है। हालांकि एजैंसी का आकलन है कि इससे बैंकों को बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि भारत की मोबाइल कंपनियों द्वारा अधिकतर कर्ज विदेशों से लिया गया है और भारतीय बैंकों ने मोबाइल कंपनियों को 91300 करोड़ रुपए की रकम ही कर्ज के रूप में दी है। यह देश के कुल कर्ज का 1.4 प्रतिशत है।
देश की टैलीकॉम इंडस्ट्री का कद 2018 के अंत तक 5.29 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है। फिलहाल यह कर्ज 4.60 लाख करोड़ रुपए है। सैल्युलर आप्रेटर एसोसिएशन इंडिया (सी.ओ.ए.आई.) का आकलन है कि कर्ज बढऩे की रफ्तार 15 प्रतिशत तक हो सकती है। 2013-14 में टैलीकॉम सैक्टर का कुल कर्ज 2,42896 करोड़ रुपए था। सी.ओ.ए.आई. का मानना है कि यदि सरकार स्पैक्ट्रम की दोबारा नीलामी करती है तो इसका इंडस्ट्री पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है क्योंकि इंडस्ट्री को इस समय तकनीक आप्रेट करने के लिए फंड्स की सख्त जरूरत है।
जियो के आने से कम हुआ मुनाफा
पिछले साल सितम्बर में लांच हुए जियो 4जी के आगमन से मोबाइल कंपनियों का मुनाफे पर दबाव बढ़ा है। जियो के कारण एयरटैल, वोडाफोन और आइडिया तीनों कंपनियों का मुनाफा घटा है। 2017 की चौथी तिमाही में एयरटैल को 373 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है जो कि पिछले साल इसी अवधि में हुए मुनाफे से 71.7 प्रतिशत कम है जबकि आइडिया को इस दौरान 327.9 करोड़ रुपए का नुक्सान हुआ। पिछले साल इसी अवधि में आइडिया ने 451.9 करोड़ रुपए का मुनाफा दिखाया था। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष में वोडाफोन का मुनाफा भी 10 प्रतिशत गिरकर 11,784 करोड़ रुपए रह गया है।



