*👉🏻 पुलिस की सख्ती सड़कों पर,गली-मोहल्लों में घूम रहे लोग* *👉🏻 शहर को कोरोना से बचाना है तो गली-मोहल्लों में बढ़ानी होगी पीसीआर की गश्त* *👉🏻 कर्फ्यू की उलंघना करने वालों के 311 वाहन किये ज़ब्त* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 10 अप्रैल 2020-(प्रदीप भल्ला)- वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से बचाव के लिए मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूरे राज्य में 1 मई तक कर्फ्यू लागू किया हुआ है। शहर में भी पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर और जिलाधीश वरिंदर कुमार शर्मा खाली सड़कों पर फ्लैग मार्च निकालकर शहर के हालात देख रहे हैं, लेकिन इसके विपरीत शहर की गली-मोहल्लों में लोग गुट बनाकर बैठे हुए हैं या गलियों में खेल रहे हैं। अगर हालात ऐसे ही रहे तो आने वाले दिनों में शहर की तस्वीर काफी भयावह होगी। वैसे तो आज भी पुलिस ने कर्फ्यू की उल्लंघना कर सड़कों पर वाहन लेकर निकले लोगों में से 311 के वाहन ज़ब्त किए हैं। पुलिस की सख्ती सिर्फ सड़कों तक ही सीमित हो गई है क्योंकि गली मोहल्लों में लोग बेखौफ होकर घूम रहे हैं। जैसे उन्हें लगता हो कि कोरोना गली-मोहल्लों में नहीं पहुंच सकेगा। जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को चाहिए कि अगर शहर को कोरोना के चंगुल में आने से बचाना है तो गली-मोहल्लों में भी सख्ती की जाए। खास करके पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को चाहिए कि वह अपने अधिकारियों को आदेश दे कि वह अपने-अपने क्षेत्र में पड़ने वाले मोहल्लों में पीसीआर की गश्त बढ़ाए। थोड़े थोड़े समय में पीसीआर के बाइक गलियों-मोहल्लों में से निकले ताकि लोगों के मन में डर पैदा हो सकें। अगर ऐसे ही लोग बेखौफ होकर घरों से बाहर गुट बनाकर बैठे रहेंगे तो आने वाले दिनों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हो जाएगी। इसलिए पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह सिर्फ सड़कों पर ही नहीं बल्कि गली-मोहल्लों में भी पुलिस की गश्त बढ़ाकर लोगों को कोरोना से बचाने के लिए जागरूक करें। जरूरत पड़ने पर लोगों पर सख्ती की जाए या उन पर कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
