*👉🏻 नाकों पर पुलिस मुलाज़िमों के साथ खड़े वालंटियर्स को किस अधिकार दिया हाथ में डंडा पकड़ने का* *👉🏻 वालंटियर्स द्वारा लोगों से बदतमीजी से बात करने की रोजाना मिल रही हैं शिकायतें* *👉🏻 इस खबर संबंधी पूरी जानकारी हासिल करने के लिए नीचे दिए गए हैडलाइन एक्सप्रेस के लिंक को क्लिक करें 👇🏻*
जालंधर, 22 मई 2020-(एच.ई)-लॉक डाउन के चलते शहर में अलग-अलग जगहों पर पुलिस द्वारा नाके लगाए गए हैं। इन्हीं नाकों पर पुलिस मुलाजिमों की सहायता के लिए वालंटियर भी तैनात किए गए हैं, लेकिन इन वालंटियर की शिकायतें रोजाना ही आने लग पड़ी हैं। नाकों पर तैनात कुछ वालंटियर तो खुद को पुलिस मुलाजिम ही समझने लग पड़े हैं। वैसे तो वॉलिंटियर्स का काम यह है कि वह नाके पर खड़े होकर पुलिस मुलाजिमों को यह बता सकते हैं कि उक्त वाहन चालक को रोक कर उससे पूछताछ की जाए या उसके दस्तावेज चेक किए जाएं, लेकिन नाकों पर खड़े वालॉन्टियर्स खुद को ही पुलिस मुलाजिम समझकर वाहन चालकों पर रौब झाड़ते नजर आते हैं।
मॉडल हाउस के साथ लगते घई नगर में तो वालंटियर नाके पर पुलिस मुलाजिमों की तरह डंडे लेकर खड़े दिखाई देते हैं और पुलिस मुलाजिमों की तरह ही डंडे के जोर पर वाहन चालकों को रोककर उनके दस्तावेज भी खुद ही चेक करते हैं। मॉडल हाउस के रहने वाले सुरेश कुमार, संदीप और मनिंदर ने बताया कि वह जब भी उक्त नाके से गुजरते हैं तो उन्हें वालंटियर दिखाई देते हैं जिन्होंने हाथ में डंडे पकड़े होते हैं और वाहन चालको पर पुलिस मुलाजिमों की तरह रौब झाड़ते हुए दिखाई देते हैं।
ऐसी ही कई शिकायतें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से मिल रही है जहां पर नाकों पर वालंटियर खड़े होते हैं। कुछ लोगों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वालंटियर उन्हें रोककर बदतमीजी से बात करते है और जब उन्हें यह कहा जाता है कि आपका काम दस्तावेज चेक करना नहीं है तो वह उन्हें पर्चा दर्ज करने की धमकी तक दे देते हैं। पुलिस कमिश्नर को चाहिए कि वह नाकों पर खड़े वालंटियर को यह समझाएं कि शहर की जनता से किस तरह बात की जाती है और साथ ही यह भी बताया जाए कि वे खुद को पुलिस मुलाजिम ना समझ कर वालंटियर की भांति ही कार्य करें। कहीं ऐसा ना हो जाए कि पुलिस की सहायता के लिए खड़े किए गए वालंटियर पुलिस मुलाजिमों के लिए मुसीबत बन जाए। क्योंकि शहर की जनता इन वालंटियर के बर्ताव से परेशान हो चुकी है। आज भी डेरा सत करतार के पास लगे नाके पर एक वालंटियर ने सिख युवक को रोका और खुद ही उसके दस्तावेज लेकर उसका चालान करवा दिया।वालंटियर के ऐसे बर्ताव से शहरवासी परेशान हो चुके हैं। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि इन वालॉन्टियर्स को लोगों के साथ किस प्रकार व्यवहार किया जाता है का सबक सिखाएं।