*👉🏻 मामला ब्रांडरथ रोड पर दुकानदारों से गन प्वाइंट पर लूट का* *👉🏻 दुकानदारों के विरोध के बाद पुलिस को खिलौना पिस्तौल के साथ पकड़े गए आरोपी से बरामद हो गया देसी कट्टा* *👉🏻 निजी अस्पताल से पकड़ा गया था आरोपी* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 08 जून 2020-(राजीव शर्मा)- बीते दिनों ब्रांडरथ रोड पर स्थित दुकानों से गन प्वाइंट पर नकदी लूटने वाले दो लुटेरों में से पुलिस ने एक को कल खिलौना पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बारे में थाना चार की पुलिस ने प्रेस वार्ता करके यह बताया था कि आरोपी खिलौना पिस्तौल लेकर एक दुकानदार से ₹5000 और दूसरी से 3000 रुपये लेकर गया था।
जब दुकानदारों को पता चला कि पुलिस ने आरोपी से खिलौना पिस्तौल बरामद की है तो दुकानदारों में रोष पैदा हो गया। आज जब सभी दुकानदार पुलिस प्रशासन के खिलाफ एकजुट होने लगे तो थाना चार की पुलिस को इसका पता चल गया और वह मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने दुकानदारों से कहा कि उन्होंने उसी लुटेरे से देसी कट्टा भी बरामद कर लिया है। लेकिन दुकानदारों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि पुलिस ने लुटेरे के दूसरे साथी को गिरफ्तार नहीं किया है और अगर वह विरोध ना करते तो पुलिस आरोपी से खिलौना पिस्तौल ही बरामद कर मामले को दबा देती। गौरतलब है कि ब्रांड रथ रोड पर कल दो लुटेरों ने गन प्वाइंट पर दो दुकानों से 8000 रुपये लूटे थे। जिसके बाद पुलिस ने एक आरोपी राहुल निवासी अली मोहल्ला को निजी अस्पताल से खिलौना पिस्तौल के साथ गिरफ्तार कर लिया था।
जबकि दुकानदारों के पास मौजूद सीसीटीवी की फुटेज में साफ दिखाई दे रहा था कि आरोपी के पास देसी कट्टा पकड़ा हुआ था। फिर भी पुलिस यही मानकर चल रही थी कि आरोपी के पास खिलौना पिस्तौल है। आज विरोध प्रदर्शन के बाद थाना चार की पुलिस ने दुकानदारों से कहा कि उन्होंने कल ही आरोपी से देसी कट्टा बरामद कर लिया था और जब पुलिस से पूछा कि वह निजी अस्पताल में क्या कर रहा था तो पुलिस ने बताया कि वह अस्पताल में इलाज करवा रहे युवक का हालचाल पूछने गया था। जब दूसरे आरोपी के बारे में पुलिस से पूछा तो उन्होंने कहा कि उसकी तलाश की जा रही है। दूसरे लुटेरे का नाम पुलिस ने मोहम्मद निवासी तेल वाली गली बताया है। जिसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं जब इस बारे में निजी अस्पताल के डॉ. से ये पूछा गया कि आरोपी उनके अस्पताल से पकड़ा गया है तो उन्होंने कहा कि उनके अस्पताल में ईलाज के लिए दाखिल हुए मरीज के बारे में तो उनके पास पूरी जानकारी होती है और कौन उनसे मिलने आता है इसकी जानकारी वह नहीं ले सकते और कोई भी अस्पताल प्रबंधक मिलने आने वालों की जानकारी नहीं ले सकता। बाकी उनके अस्पताल में हर जगह कैमरे लगे हुए हैं। जिसकी रिकॉर्डिग वह जरूरत पड़ने पर प्रशासन को उपलब्ध करवा सकते हैं। अब मरीज से कौन मिलने आता है और कौन मिलकर जाता है उसकी जानकारी अस्पताल नहीं रख सकता।
