*👉🏻 नहीं चला शाहरुख और अनुष्का का जादू* *👉🏻 पढ़िये जब हैरी मेट सेजल का रिव्यू*
डायरेक्टर इम्तियाज अली की नई फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर लगातार अच्छा उत्साह देखने को मिल रहा था। जिसके तीन कारण थे, पहला कारण था कि यह इम्तियाज अली की फिल्म है। दूसरा इस फिल्म में शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा फिर से एक साथ आ रहे हैं और तीसरा कारण है इस फिल्म को लेकर मेकर्स ने यह वादा किया है कि यह फिल्म एक बार फिर से शाहरुख खान का रोमांटिक अवतार लोगों के सामने पेश करेगी, जिसके लिए वो जाने-जाते रहे हैं। तो चलिए पता करते हैं कि आखिर कैसी है जब हैरी मेट सेजल ?
।फिल्म की कहानी:फिल्म की कहानी हरिंदर सिंह नेहरा यानि के हैरी और सेजल झावेरी यानि के सेजल की है। दोनों लोग की मुलाकात एक वर्ल्ड टूर के दौरान होती है, जिसमें सेजल एक टूरिस्ट है और अपना हैरी एक टूरिस्ट गाइड। परेशानी यह होती है कि इस टूर पर सेजल की सगाई वाली रिंग खो जाती है, जिसको ढ़ूढ़ने के लिए वो, हैरी की मदद मांगती है। न चाहते हुए भी हैरी को सेजल के साथ दोबारा वो सारी जगहें जानी पड़ती हैं, जहां वो उसे घुमा कर लाया है। सेजल को लगता है कि किसी चीज को अगर दिल से ढ़ूढ़ों तो वो जरुर मिलती है।जैसा की इम्तियाज अली की ज्यादातर फिल्मों में होता है, कुछ वैसा ही इस फिल्म में भी देखने को मिलेगा। दो अंजान लोग एक सफर के दौरान मिलते हैं और फिर वो लोग एक दूसरे को दिल दे बैठते हैं और अंत में एक दूसरे के हो जाते हैं। हां, अब अपने हैरी और सेजल किस तरह रिंग ढ़ूंढते हुए एक दूसरे के करीब आते हैं यह आप फिल्म देखकर ही पता लगायें तो ज्यादा बेहतर रहेगा।
फिल्म का डायरेक्शन:इम्तियाज अली इस समय बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन रोमांटिक फिल्मकारों में से एक गिने जाते हैं लेकिन पिछले कुछ समय से वो एक परेशानी का सामना कर रहे हैं। वो परेशानी है ऑडियंस को कुछ नया न ऑफर कर पाना। फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ भी इसी परेशानी का सामना करती है। यह भी इम्तियाज अली की पहले की फिल्मों की तरह दो अंजान लोगों की कहानी है, जो एक सफर के दौरान प्यार में पड़ जाते हैं।इम्तियाज अली फिल्म के पहले भाग में आपको कनेक्ट करने में कामयाब रहते हैं लेकिन जैसे ही फिल्म का दूसरा हिस्सा शुरु होता है अचानक से आप का जुड़ाव फिल्म के साथ कहीं खो जाता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है दोनों के बीच दिखाये गए सीन्स, जो आपको इतना विश्वास नहीं दिला पाते हैं कि सिर्फ ऐसा होने से सेजल, हैरी से प्यार कर सकती है। वो सेजल जो कि कुछ दिनों में शादी के बंधन में बंधने वाली है। अगर फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ में इम्तियाज अली के डायरेक्शन की बात की जाए तो वो प्रभावित करने में कामयाब नहीं रहते हैं।
कलाकारों की एक्टिंग:फिल्म ‘जब हैरी मेट सेजल’ में ज्यादातर स्क्रीन स्पेस शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा को दिया गया है। यह लाजमी बात भी है क्योंकि यह कहानी ही इन दोनों की है। जहां शाहरुख खान ने फिल्म नें पंजाबी मुंड्डे का किरदार निभाया है तो अनुष्का शर्मा एक गुजराती लड़की बनी हैं। इम्तियाज अली ने शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा दोनों के किरदारों को कॉम्पेलेक्स्ड रखा है।हैरी अपने पंजाब के पिंड से एक सिंगर बनने के लिए सालों पहले भागा था। जिसमें वो कामयाब नहीं हो पाता है और अब एक टूरिस्ट गाइड बन जाता है। वो अपनी इस जॉब से खुश नहीं है लेकिन क्या करे पापी पेट के लिए तो कुछ न कुछ तो करना ही पड़ेगा न। उसे आज भी अपने पिंड के सपने आते हैं। इस किरदार को शाहरुख खान ने अच्छी तरह से निभाया है। आप विश्वास करते हैं कि इस इंसान के साथ ऐसा सब हुआ है।बात करें सेजल की तो वो एक गुजराती परिवार की सीधी-साधी लड़की है, जो अपने घरवालों के कहने पर शादी करने जा रही है लेकिन उसकी असलियत कुछ और है। वो अंदर से वैसी नहीं है, जैसी वो दिखती है। इस बात का अंदाजा उसे हैरी के साथ रहकर होता है। अनुष्का अपनी एक्टिंग से आपको अपने साथ जोड़ लेती हैं और आपको भरोसा हो जाता है कि यह एक गुजराती लड़की ही है।
फिल्म का म्यूजिक:फिल्म का म्यूजिक पहले से ही हिट हो चुका है। ‘जब हैरी मेट सेजल’ का लगभग हर गाना म्यूजिक चार्ट पर सबसे आगे है। बात की जाए इन गानों की फिल्में तो पहले भाग में आये गाने सफर और राधा सिचुएशन पर ठीक बैठते हैं लेकिन जब दूसरे भाग में गाने आते हैं तो वो फिल्म की कहानी को उस तरह से मदद नहीं कर पाते हैं।
आखिरी फैसला:अगर आप मुझसे पूछेंगे कि क्या इस फिल्म को देखने के लिए आपको घर से बाहर निकलना चाहिए ? तो मैं कहना चाहूंगा कि आप इसे शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की अच्छी एक्टिंग के लिए देख सकते हैं। हांलाकि अगर आप फिल्म में शाहरुख खान का वो रोमांटिक अंदाज ढ़ूंढ़ेंगे जो कि यश चोपड़ा जी की फिल्मों में दिखता था, तो आप निराश हो सकते हैं। इम्तियाज अली की इस फिल्म को उनकी किसी पहले की फिल्म से तुलना करना भी आप पर भारी पड़ सकता है। इसलिए कहना चाहूंगा कि आप इसे बस यह सोचकर देखिए कि आप ‘जब हैरी मेट सेजल’ देख रहे हैं। मैं इस फिल्म को 2.5 स्टार देना चाहूंगा।


