*👉🏻 सेहत विभाग की सुस्ती के कारण गई वरिष्ठ छायाकार सुरिंदर छिंदा की जान* *👉🏻 पेमा प्रधान सुरिंदर पाल ने मुख्यमंत्री से अपील कर मांगी दोषी अधिकारियों पर कारवाई, मृतक छायाकार के परिवार के लिए मांगी हर संभव मदद* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 01 अगस्त 2020-(प्रदीप भल्ला)-महामारी के इन दिनों में सेहत विभाग के कारनामों की पोल पहले भी कई बार खुल चुकी है।
मगर इस बार तो हद ही हो गई जब सेहत विभाग की सुस्ती के कारण एक वरिष्ठ छायाकार सुरिंदर कुमार छिंदा की जान चली गई। सुरिंदर कुमार को शुगर और किडनी की समस्या थी जिसका इलाज जालंधर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। 25 जुलाई तारीख को सुरिंदर कुमार छिंदा की तबीयत बिगड़ी तो उसे सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
जिसके बाद 1 अगस्त दोपहर तक सुरिंदर कुमार छिंदा की कोरोना रिपोर्ट ही नहीं आई, लेकिन 1 अगस्त को सुबह सुरिंदर कुमार ने दम तोड़ दिया। सुरिंदर कुमार छिंदा की मौत के बाद प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एसोसिएशन के प्रधान सुरिंदर पाल ने मुख्यमंत्री पंजाब कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की और बताया कि सरकारी रिपोर्ट के अनुसार 28 जुलाई 2020 को सुरिंदर कुमार छिंदा के कोरोना रिपोर्ट के लिए सैंपल लिए गए थे लेकिन 1 अगस्त दोपहर तक उसकी रिपोर्ट ही नहीं मिल पाई। 1 अगस्त को सुबह जब सुरिंदर छिंदा ने दम तोड़ दिया और मीडिया कर्मियों में सेहत विभाग की सुस्ती की बातें उड़ने लगी तो दोपहर बाद जो फाइनल रिपोर्ट आई उसमें सुरिंदर कुमार छिंदा का नाम भी पॉजिटिव मरीजों के रूप में सबसे ऊपर लिखा हुआ था और साथ में 31 जुलाई को एक्सपायर्ड लिखा था।लेकिन तब तक रिपोर्ट आई सुरिंदर छिंदा इस संसार को छोड़कर जा चुके थे। सेहत विभाग के सुस्त काम के बारे में पहले भी कई बार अखबारों में छप चुका है लेकिन ना तो मुख्यमंत्री पंजाब और ना ही सेहत मंत्री ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई की। सुरिंदर छिंदा तो सेहत विभाग की सुस्ती की बलि चढ़ गया लेकिन अब मुख्यमंत्री पंजाब को चाहिए कि वह वरिष्ठ छायाकार सुरिंदर छिंदा के परिवार की हर संभव मदद करें ताकि उनके परिवार का पालन पोषण हो सकें। वही पेमा प्रधान सुरिंदर पाल ने कहा कि वरिष्ठ छायाकार की जान सेहत विभाग के सुस्त रवैए के कारण गई है। इसलिए वह दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को सजा दिलवाने के लिए मुख्यमंत्री पंजाब तक जरूर पहुंच करेंगे और दोषियों को सजा दिलवाने के साथ-साथ पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दिलवाएंगे।

