*👉🏻 पंजाब में अपराधियों की पहली पसंद बनती जा रही है 30 बोर पिस्टल* *👉🏻 क्या इन हथियारों के बल पर ही पुलिस को चुनौती दे रहे हैं गैंगस्टर ?* *👉🏻 30 बोर असले की गोलियां कहां से मिलती है अपराधियों को, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 09 दिसम्बर 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-हैडलाइन एक्सप्रेस द्वारा बीते कुछ दिनों से पंजाब में अपराधियों, अवैध हथियारों और दो नंबर में अपराधियों को गोलियां बेचने के मामले को प्रमुखता से उठाया जा रहा है। कुछ दिन पहले ही फेसबुक पर बने एक पेज गैंगस्टर ऑफ पंजाब पर पंजाब के अपराधियों ने पंजाब पुलिस को धमकाते हुए चुनौती दे डाली है।
गैंगस्टरों के हाथ अब कौन से हथियार लग गए है कि वह आतंवादियों से पंजाब को मुक्त कराने वाले पंजाब पुलिस के जांबाज अधिकारियों को भी चुनौती देने से नहीं डरते। बीते समय में पंजाब के आपराधिक मामलों को देखने और पुलिस द्वारा पकड़े गए अवैध असलों से एक बात पता चलती है कि अपराधियों के अवैध हथियारों की पसंद बदल चुकी है। आपराधिक मामलों की छानबीन की गई तो पता चला कि पंजाब के अपराधियों की पहली पसंद अब 30 बोर की पिस्टल बनती जा रही है।
बीते कुछ समय दौरान पंजाब के अलग-अलग शहरों के थानों की पुलिस ने जितने भी अपराधियों को पकड़ा है और उनसे जो अवैध हथियार बरामद हुए हैं उनमें ज्यादातर 30 बोर की पिस्टल भी बरामद हुई थी। पंजाब में आतंवाद के समय आतंकवादियों की पहली पसंद 30 बोर की पिस्टल थी, क्योंकि 30 बोर की पिस्टल की मार क्षमता बहुत ज्यादा है। ऊपर से इसकी गोलियां विदेशी होती है जो मिस करने का चांस कम ही रहता है।
30 बोर की पिस्टल में 7.62× 25 की गोली का प्रयोग किया जाता है। पंजाब में 30 बोर की पिस्टल खरीदने और बेचने पर पाबंदी लगी हुई है। सूत्रों के अनुसार पंजाब में जब आतंवाद का दौर था और तब आतंकवादियों से जो भी हथियार पकड़े गए थे वह फिल्लौर किले में रखे गए थे जहाँ से कुछ अधिकारी,नेता और रसूखदार लोगों ने अपने लाइसेंस पर 30 बोर के पिस्टल अलॉट करा लिए थे। यही पिस्टल लोगों के पास पंजाब में है। अधिकतर यह पिस्टल पाकिस्तान या चीन में बने हुए है। इसकी अचूक मार क्षमता के लिये ही आतंकवादी इसे इस्तेमाल करते थे। आतंकवाद खत्म होने के बाद पिछले कुछ समय से अब पंजाब के अपराधियों और गैंगस्टरों की 30 बोर पिस्टल पहली पसंद बनने लगी है। इसके दो उदाहरण अब सामने आने लगे है, पहला यह कि जग्गू भगवानपुरिया जैसे कई कुख्यात अपराधी अपनी फेसबुक पर 30 बोर पिस्टल के साथ अपनी फोटो डाले हुए है, तो वहीं दूसरी तरफ़ पंजाब पुलिस अलग अलग गैंगस्टरों से समय समय पर 30 बोर की पिस्टल और गोलियों पकड़ती रहती है।
जालंधर कमिश्नरेट पुलिस और देहात क्षेत्र के थानों की पुलिस ने पिछले समय में जितने भी अवैध असले बरामद किए हैं उनमें ज्यादातर 30 बोर की पिस्टल भी थी। इसके अलावा ऐसे कितने ही मामले सामने आए हैं जिनमें अपराधियों ने वारदात को अंजाम देते समय 30 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया है। पिछले साल अमृतसर में काउंटर इंटेलिजेंस के एआईजी केतन पाटिल और उनकी टीम ने दो अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 30 बोर के 2 पिस्टल, 2 मैगजीन और 94 कारतूस (30 बोर) के बरामद किये थे। वहीं इसी साल पंजाब एसटीएफ की टीम ने सुल्तानपुर लोधी से कुछ गैंगस्टरो को भारी संख्या में 30 बोर के हथियारों और सैकडों की संख्या में 30 बोर की गोलियों के साथ गिरफ्तार किया था। इसी तरह पिछले दिनों जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने 30 बोर की पिस्टल और गोलियों के साथ नशा तस्करों को भी गिरफ्तार किया था। वहीं कुछ समय पहले जालंधर के काउंटर इंटेलिजेन्स के एआईजी हरकमलप्रीत सिंह खख और उनकी टीम ने जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के कुछ सदस्यों को गिरफ्तार कर उससे 30 बोर की पिस्टल और दर्जनों गोलियां बरामद की थी। कुछ दिन पहले बटाला पुलिस ने अपराधियों के एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए उनके पास से 30 बोर की पिस्टल, मैगजीन और दर्जनों की गिनती में 30 बोर की गोलियां बरामद की है। यह तो कुछ खबरें ही है, पर सच्चाई यह है कि पंजाब के गैंगस्टरों की पहली पसंद अब 30 बोर की पिस्टल बनती जा रही है। 
–30 बोर के हथियार का इस्तेमाल क्यों करते हैं अपराधी–
अपराधी अब ज्यादातर 30 बोर के पिस्टल का इस्तेमाल करने लगे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि 30 बोर की पिस्टल की गोली की मार क्षमता .32 बोर के रिवॉल्वर/पिस्टल से कई गुणा अधिक होती है। जिस कारण इसका परिणाम गंभीर ही होता है। .32 बोर से अगर इसकी तुलना की जाए तो इसकी मार क्षमता भी .32 बोर के पिस्टल/रिवाल्वर से बहुत ज्यादा होती है और इसका परिणाम भी .32 बोर की गोली से ज्यादा खतरनाक सिद्ध होता है। इसीलिए अपराधी 30 बोर के पिस्टल को इस्तेमाल करने को पहल देते हैं। .32 बोर की गोली लगने के बाद आदमी के बचने का चांस रहता है पर 30 बोर पिस्टल की गोली लगने के बाद आदमी के बचने का चांस बहुत कम ही होता है।
–कहां से मिलती है अपराधियों को 30 बोर के पिस्टल की गोली–
लाइसेंसी असला धारक के लिए भी 30 बोर के असले की गोली मिलना बहुत ही मुश्किल कार्य है। मगर अपराधी 30 बोर के अवैध पिस्टल का इस्तेमाल कर रहे हैं। अब उन्हें इस पिस्टल के लिए गोलियां कहां से प्राप्त होती है यह सोचने वाली बात है, क्योंकि 30 बोर की गोली मिलना बहुत कठिन है। लेकिन अपराधियों के पास 30 बोर की गोलियां बड़ी संख्या में और आसानी से पहुंच रही है। तभी तो वह वारदात में 30 बोर के पिस्टल का इस्तेमाल कर रहे हैं। 30 बोर की गोलियां सरकार द्वारा लाइसेंस प्राप्त गन हाउस डीलरों के पास होती है। अब सवाल यह उठता है कि क्या 30 बोर की गोलियां गन हाउस डीलर ही तो नहीं महंगे दाम पर अपराधियों को बेच रहे हैं ? पुलिस प्रशासन को चाहिए कि इन बातों पर गंभीरता से गौर करें और इसकी तह तक जाएं ताकि पंजाब में बढ़ रहे क्राइम के ग्राफ को रोका जा सके।
