*👉🏻 सिर्फ़ आदेश जारी करने तक ही सीमित है जिला प्रशासन, सरेआम होती है आदेशों की उल्लंघना* *👉🏻 क्रिसमस और नए साल पर पटाखे चलाने के लिए जिला प्रशासन ने निर्धारित की समय सीमा, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर*
जालंधर, 15 दिसंबर 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-जिला प्रशासन के आदेश भी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं उन पर कार्रवाई होते देखा नहीं गया है।
इस कोरोना काल के चलते जिलाधीश द्वारा पटाखे चलाने संबंधी पहले और अब भी समय निर्धारित करने के आदेश जारी किए हैं, लेकिन इन आदेशों के तहत कार्रवाई करना शायद जिला प्रशासन के अधिकारी उचित नहीं समझते। जिलाधीश ने दिवाली, गुरुपर्व, क्रिसमस और नए साल पर पटाखे चलाने के लिए अलग-अलग समय निर्धारित कर आदेश जारी किए थे, लेकिन होता इन आदेशों के विपरीत है। जिलाधीश ने त्यौहारों पर तो पटाखे चलाने की समय सीमा निर्धारित की है लेकिन शादी समारोह वगैरह में खुलेआम पटाखे चलाए जाते हैं। क्या उन पर जिलाधीश के आदेश लागू नहीं होते। शादी समागम में चलने वाले पटाखों से प्रदूषण तो होता ही है और आदेशों की उल्लंघना भी होती है। नवंबर और दिसंबर में शहर में कितने ही शादी समारोह हुए हैं जिनमें खुलकर पटाखे चलाए गए हैं। ऐसा नहीं कि लोगों ने छुपकर पटाखे चलाएं हैं बल्कि शहर की व्यस्त सड़कों पर भी पटाखों का प्रयोग किया गया है। पिछले दिनों गुरु नानक मिशन चौक से एक बारात निकल रही थी जिसके आगे लोग बड़े-बड़े पटाखे और आतिशबाजी छोड़ रहे थे। हालांकि इस चौक में हर समय पुलिस का नाका लगा होता है लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी ने उन पर कार्रवाई करना या उन्हें रोकना उचित नहीं समझा। इससे साबित होता है कि जिला प्रशासन आदेश तो जारी करता है लेकिन उन पर कार्रवाई करवाना उचित नहीं समझता। यह सब कुछ देख कर तो लगता है कि जिला प्रशासन आदेश जारी कर खानापूर्ति करता है। आज भी जिला प्रशासन की तरफ से क्रिसमस और नए साल पर पटाखे चलाने के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। जिसके तहत रात 11:55 से लेकर 12:30 बजे तक ही पटाखे चलाए जाएंगे। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन आदेशों को जारी करने के बाद उनकी पालना भी करवाता है या खुद नए साल का जश्न मनाने में व्यस्त हो जाता है।