*👉कोरोना वायरस की रिपोर्टिंग करने वाली महिला पत्रकार को चार साल की जेल*
चीन के वुहान शहर से पिछले साल नवंबर-दिसंबर में फैलना शुरू हुआ कोरोना महामारी से आज पूरी दुनिया जूझ रही है और अब तक इस वायरस से 8.10 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं 18 लाख से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
इस वायरस की उत्पत्ति के संदर्भ में जांच करने के लिए वैश्विक स्तर पर मांग उठती रही है। हालांकि चीन के असहयोग के कारण अभी तक कुछ ज्यादा जानकारी सामने नहीं आ पाई है। चीन वुहान शहर में किसी भी तरह से जांच-पड़ताल करने और अन्य तरह की गतिविधियों पर सख्ती बरत रहा है।
ऐसे में वुहान शहर में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आने को लेकर रिपोर्टिंग करने वाली एक महिला पत्रकार को चीन ने सख्त सजा दी है। चीन ने महिला पत्रकार को लाइवस्ट्रीम रिपोर्टिंग दिखाने को लेकर चार साल जेल की सजा सुनाई है। झांग झान नाम की महिला पत्रकार पर रिपोर्टिंग के दौरान झगड़ा करने और कोरोना के संबंध में लोगों को भड़काने का आरोप लगाया गया है।
झांग के समर्थन में कोर्ट के बाहर जमा हुए लोग
बता दें कि इस साल फरवरी में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झांग झान की लाइव रिपोर्ट और लेख व्यापक तौर पर शेयर किए जा रहे थे। इसके बाद जब इस रिपोर्ट और वीडियो पर चीनी अधिकारियों की नजर पड़ी तो उसपर तत्काल रोक लगा दी।
सोमवार को झांग के सर्मथन में शंघाई पुडोंग न्यू डिस्टि्रक्ट पीपुल्स कोर्ट के बाहर एक दर्जन से अधिक लोग जमा हुए, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया। 37 साल की झांग झान के वकील रेन क्वानियू ने बताया कि इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।
हिरासत में लिए गए चार वरिष्ठ पत्रकार
आपको बता दें कि कोरोना महामारी को लेकर वुहान में रिपोर्टिंग करने के मामले में पुलिस ने चार वरिष्ठ पत्रकारों को हिरासत में लिया था, इनमें से झांग भी एक थीं। चारों में से सजा पाने वाली झांग पहली पत्रकार हैं। झांग के अलावा चेन क्यूशी, फांग बिन और ली जहुआ को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
बताया जा रहा है कि हिरासत में लिए जाने के बाद से फेंग के बारे में कोई सूचना उपलब्ध नहीं है। वहीं ली जहुआ अप्रैल में एक बार यूट्यूब पर नजर आए थे। उस दौरान उन्होंने ये आरोप लगाया था कि उन्हें जबरदस्ती क्वारंटीन कर दिया गया है। इसके अलावा चेन क्यूशी को बाद में छोड़ दिया गया था। हालांकि चेन को सख्त हिदायत के साथ छोड़ा गया था और कहा गया था कि व सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी नहीं करेंगे।
मालूम हो कि अमरीका समेत कई देशों ने ये आरोप लगाया है कि कोरोना वायरस को वुहान के लैब में तैयार किया गया है। हालांकि चीन इसे नकारता रहा है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो कई बार सार्वजनिक मंच से इसे चीनी वायरस बताया है।