*👉🏻 मुर्गे बेचने वाला बना पत्रकार* *👉🏻कँगनीवाल में 10 स्वंयभू पत्रकारों का ग्रुप चर्चा में, ब्लैकमेलिंग के मामले में सरपंच समक्ष मांग चुका है माफी* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 25 फरवरी 2021-(एच.ई)-सोशल मीडिया पर अपने पेज बनाकर पत्रकारी करने वाले स्वंयभू पत्रकारों के कारण पत्रकार बिरादरी बदनाम होती जा रही है। रोजाना ही स्वंयभू पत्रकारों के कारनामे सामने आ रहे हैं।
अब तो हालात ये हो गए हैं कि मुर्गे बेचने वाले भी पत्रकार बन गए हैं और कुछ सोशल मीडिया के स्वंयभू पत्रकारों ने ब्लैकमेलिंग करने के लिए अपना 10 लोगों का एक ग्रुप भी बना लिया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बस्ती बावा खेल नहर के नज़दीक एक मुर्गे बेचने ने अपने मोबाइल के पीछे किसी वेब पोर्टल का आई कार्ड रखा हुआ था, जिस पर मुर्गे बेचने वाले की तस्वीर लगी हुई थी और नीचे रिपोर्टर लिखा हुआ था।
जब मुर्गे बेचने वाले से हमारे संवाददाता ने पूछा कि क्या आप पत्रकार हैं तो उसने कहा हां मैं पत्रकार हूं। अगर आपको कोई काम हो तो मुझे बताना, मेरी पत्रकारों के बीच अच्छी जान पहचान है और मैं खुद भी सोशल मीडिया पर बने एक न्यूज़ चैनल का पत्रकार हूं। हमारे संवाददाता ने कुछ देर तक उस मुर्गे बेचने वाले से बात की और उसके मुंह से सच्चाई उगलवा ली। मुर्गे बेचने वाले ने बताया कि जिस व्यक्ति ने अपना वेब पोर्टल खोला हुआ है, वह हजार रुपए में लोगों को पत्रकार बना रहा है और उन्हें अपने वेब पोर्टल का आई कार्ड भी जारी कर रहा है। ऐसे ही लोगों के कारण पत्रकारिता बदनाम होती जा रही है, लेकिन पत्रकारों की दो बड़ी संस्थाओं के पदाधिकारी भी इन पर रोक लगाने में फेल साबित हो रहे हैं।
–सोशल मीडिया के स्वंयभू पत्रकारों ने ब्लैक मेलिंग के लिए बनाया अपना ग्रुप, किसी मामले में सरपंच के सामने माफी मांगकर छुड़ा चुके हैं अपनी जान–
कंगनीवाल क्षेत्र में 10 स्वंयभू पत्रकारों का एक ग्रुप सक्रिय है। उक्त क्षेत्र में अगर कोई व्यक्ति निर्माण कार्य शुरू करता है तो यह ग्रुप वहां पर पहुंचकर निर्माण करने वाले पर दबाव बनाकर रकम ऐंठता है। कंगनीवाल या उसके आसपास के क्षेत्रों में अगर कोई व्यक्ति छोटी सी दुकान या मकान का निर्माण ही शुरु करता है तो यह लोग वहां पर पहुंच जाते हैं। इस 10 लोगों के ग्रुप के सभी सदस्यों ने सोशल मीडिया पर अपना पेज बनाया हुआ है और सभी लोग माइक आईडी पकड़कर घूमते हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कंगनीवाल क्षेत्र में ही इन लोगों ने किसी व्यक्ति को ब्लैकमेल करने के लिए उस पर दबाव बनाया था लेकिन मामला सरपंच के पास पहुंच गया तो सरपंच ने सभी को अपने पास बुलाया और उन पर कानूनी कार्रवाई करने की बात कही। जिसके बाद सभी ने सरपंच के समक्ष माफी मांग कर अपनी जान छुड़ाई, लेकिन कंगनीवाल क्षेत्र के लोग इन स्वंयभू पत्रकारों के कारण परेशान हो चुके हैं। लोगों की पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग है कि बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे ऐसे न्यूज़ चैनल और सोशल मीडिया के पत्रकारों पर लगाम लगाई जाए, नहीं तो आने वाले दिनों में हर एक मोड़ पर स्वंयभू पत्रकार खड़ा होगा और लोगों का जीना दूभर हो जाएगा। यह लोग समाज के हित के लिए नहीं बल्कि अपनी जेबों को गर्म करने के लिए खुद ही पत्रकार बने हुए हैं। जिस पर रोक लगाना बहुत जरूरी हो गया है।

