*👉🏻 मामला थाना प्रभारी भगवंत भुल्लर व उनके सुरक्षाकर्मियों पर हमले का* *👉🏻 एक सप्ताह बाद भी पुलिस फरार आरोपियों को पकड़ने में रही नाकाम, मामला निपटाने के लिए खादी और खाकी में हो रही बैठकें* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 17 अप्रैल 2021-(प्रदीप भल्ला/राजीव शर्मा)- 6 दिन बीत जाने के बाद भी कमिश्नरेट पुलिस उन हमलावरों को पकड़ नहीं पाई है जिन्होंने थाना भार्गव कैंप के प्रभारी भगवंत सिंह भुल्लर व उनके सुरक्षाकर्मियों को पीटा था। पुलिस की छवि धूमिल होती देख पुलिस प्रशासन ने चारों हमलावरों पर सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालना, पुलिस से मारपीट करना और धारा 307 के तहत मामला तो दर्ज कर लिया था, लेकिन पुलिस फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ने में नाकाम साबित हो रही है। क्या सच में ही पुलिस आरोपियों तक पहुंच नहीं पा रही है या फिर पुलिस पर राजनीतिक दबाव पड़ चुका है। अगर कोई आम इंसान होता जिसने ऐसी ही किसी घटना को अंजाम दिया होता तो पुलिस प्रशासन उनके रिश्तेदारों तक को उठा लाती ताकि आरोपी खुद चलकर पुलिस के पास आ जाए, लेकिन इस मामले में पुलिस ऐसा कुछ भी नहीं कर रही है। 
–क्या खादी के दबाव में आ चुकी है खाकी–
दो आरोपियों को पुलिस ने उसी रात गिरफ्तार कर लिया था लेकिन दो आरोपी जो फरार चल रहे हैं वह रसूखदार हैं और राजनेताओं की छत्रछाया में है। इसीलिए शायद खाकी पर खादी का दबाव पड़ रहा है। खादी के दबाव के कारण ही पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंच नहीं पा रही है। इसीलिए अब शहर में चर्चा हो रही है कि शायद खादी के दबाव में खाकी आ चुकी है और वह आरोपियों तक पहुंचना नहीं चाहती।
–हमलावरों से राजीनामा के लिए पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ हो रही है खादी की बैठकें–
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हमलावरों पर नरमी बरतने और किसी ना किसी तरीके राजीनामा करने के लिए खादी धारियों की बैठकें पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारियों के साथ हो रही हैं। सूत्र बताते है कि खाकी ने अपनी इज्जत बचाने के लिये इस मामले में धारा 307 तो लगा दी है, पर खादी के दवाब में आकर आरोपियों को बचाने की भी कोशिश में लगी है। हो सकता है आने वाले दिनों में कुछ ऐसा हो जाए कि आरोपियों और खाकी का समझौता हो जाए और एक बार फिर से खाकी अपने उच्च अधिकारियों के आगे झुक जाए। सूत्र बताते हैं कि रोजाना ही किसी ना किसी उच्च अधिकारी के साथ खादी वालों की बैठकें हो रही हैं ताकि यह मामला जल्द से जल्द निपट सके। दूसरी तरफ खाकी लोगों की हिफाजत में कितनी अग्रसर है यह इस बात से अनुमान लगाया जा सकता है कि जब पुलिस अपने ऊपर हुए हमले में हमलावरों को पकड़ने में नाकामयाब है तो आम लोगो को कैसे इंसाफ दिलाती होगी।

