*👉🏻 मामला थाना भार्गव कैंप के प्रभारी पर हमले का* *👉🏻 असलियत में क्या हुआ था उस रात, पढ़ें पूरी कहानी सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 12 अप्रैल 2021-(एच.ई)-बीते दिनों थाना भार्गव कैंप के प्रभारी भगवंत सिंह भुल्लर और उनके सुरक्षाकर्मी पर चार युवकों ने हमला कर दिया था। जिसमें थाना प्रभारी और उनका सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे और पुलिस ने दो आरोपियों मनप्रीत और कमलदीप को काबू कर लिया था। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
— हमले के पीछे क्या है असल कहानी–
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते दिनों देर रात 1:45 बजे मॉडल हाउस के माता रानी चौक में स्थित एक ढाबे में चारों युवक व उनके जान पहचान वाले बैठे हुए थे। युवकों ने काफी दारु पी रखी थी। जिसके बाद सभी उक्त ढाबे से बाहर निकले और घई बकरी से थोड़ा आगे मॉडल हाउस की तरफ सड़क पर खड़े हो गए। उसी समय थाना प्रभारी गश्त पर आए और उनका युवकों के साथ विवाद हो गया। पहले तो हमलावरों ने थाना प्रभारी पर लात-घूंसे से हमला कर दिया जिसमें थाना प्रभारी की पगड़ी काफी दूर जा गिरी और उनके नाक से खून बहने लगा। जिसके बाद थाना प्रभारी के सुरक्षाकर्मी भी उन युवकों पर भारी पड़ गए। जिनमें से दो हमलावरों मनप्रीत और कमलदीप को पुलिस ने काबू कर लिया। जब पुलिस उक्त हमलावरों को काबू कर ले जा रही थी तो वहां पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता की पत्नी भी मौजूद थी, जिसने हमलावरों को छुड़ाने की पूरी कोशिश की। शराब का नशा और दौलत के नशे में चूर हमलावरों ने यह तक नहीं देखा कि सभी पुलिसकर्मी वर्दी में नाईट ड्यूटी पर थे।
–क्या रिश्ता है हमलावरों का वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के साथ–
हमलावरों का वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के साथ गहरा रिश्ता है। उक्त लोग अवैध कॉलोनियां काटने वाले वरिष्ठ कांग्रेसी हैं नेता के पार्टनर है। इसके इलावा उक्त लोग वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के साथ मिलकर अलग-अलग कार्यों में रुपए इन्वेस्ट करते हैं। हमलावरों का खुद का भी काफी अच्छा बिजनेस है। दौलत के नशे और राजनीतिक पहुंच के कारण ही उक्त लोगों ने पुलिस पर हाथ डालने में संकोच नहीं किया।
–विवाद के बाद हमलावरों का एक रिश्तेदार जानबूझकर हो गया अस्पताल में दाखिल–
हमलावरों के रिश्तेदारों को जब पता चला कि उनके बच्चों ने पुलिस को पीट दिया है तो उनमें से एक व्यक्ति अस्पताल में दाखिल हो गया और कहानी को बदलने की कोशिश कर दी गई। लेकिन असलियत यह है कि उक्त व्यक्ति पहले से ही शूगर पेशेंट है। जिसका लाभ उठाते हुए वह अस्पताल में दाखिल हो गया और कहानी को नया मोड़ दे दिया।
–आए दिन पुलिस पर हो रहे हमलों से धूमिल हो रही है पुलिस की छवि–
पंजाब के अलग-अलग शहरों से थोड़े समय के अंतराल बाद ही खबरें आती हैं कि पुलिस पर नशा तस्करों ने हमला कर दिया या पुलिस पर हमला करने वाले राजनेताओं की छत्रछाया में रहते हैं। इन्हीं हमलों के कारण पुलिस की छवि धूमिल होती जा रही है और वर्दी का रौब भी कम हो रहा है। अब देखना यह है कि क्या कमिश्नरेट पुलिस उक्त हमलावरों को सजा दिला पाएगी या राजनीतिक दबाव के कारण दोनों पक्षों में समझौता हो जाएगा। उक्त मामले में भी पुलिस पर राजनीतिक दबाव पड़ रहा है। अब यह तो समय ही बताएगा कि इस मामले में क्या कार्रवाई होती है।


