*👉🏻 मामला थाना भार्गव कैम्प के प्रभारी व सुरक्षाकर्मियों पर हमले का* *👉🏻 खाकी ने बचाया अपना खोया सम्मान, खादी के दबाव से हटकर हमलावरों पर लगाई धारा 307* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ़ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 15 अप्रैल 2021-(एच.ई)- आखिरकार खाकी ने अपना खोया हुआ सम्मान बनाने की खातिर खादी के दबाव को अपने ऊपर हावी होने नहीं दिया। हम बात कर रहे हैं थाना भार्गव कैंप के प्रभारी भगवंत भुल्लर व उनके सुरक्षाकर्मियों पर हुए हमले की। बीते दिनों थाना प्रभारी भगवंत भुल्लर व उनके सुरक्षाकर्मियों को इसलिए पीट दिया गया था क्योंकि वह सड़क पर खड़े हुए 4 व्यक्तियों को नाईट कर्फ्यू की पालना करने के लिए समझाने गए थे। उल्टा हमलावरों ने थाना प्रभारी और उनके सुरक्षाकर्मियों पर धावा बोल दिया और उन्हें घायल कर दिया। हमलावरों ने इस मामले को घुमाने की पूरी कोशिश की।
जिसमें वरिष्ठ कांग्रेसी नेता भी शामिल हुए, लेकिन जांच करने के बाद और पुलिस के उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देशों पर हमलावरों पर सरकारी ड्यूटी में विघ्न डालना और मारपीट की धारा के बाद अब धारा 307 भी लगा दी गई है। पुलिस ने दो आरोपियों मनप्रीत और कमलदीप को उसी दिन मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया था जबकि दो आरोपी हरमनदीप और अवतार सिंह फरार चल रहे हैं। जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।
–हमलावरों को मामले से बाहर निकालने में विफल हुई खादी–
इस मामले में हमलावरों को बचाने में आखिरकार खादी विफल हो गई, क्योंकि सारा मामला बिल्कुल साफ था। हमलावरों के पक्ष के लोगों ने मामले को घुमाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी मीडिया के सामने पेश की लेकिन उक्त सीसीटीवी फुटेज भी हमलावरों के खिलाफ ही निकली। हमलावरों के समर्थकों और रिश्तेदारों ने सोचा था कि मामले को घुमाने की कोशिश करेंगे तो शायद पुलिस दबाव में आ जाए, लेकिन अपना खोया सम्मान बचाने की खातिर पुलिस ने निष्पक्ष जांच की और हमलावरों पर धारा 307 लगा दी। जिसके कारण अब हमलावरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
–राजनीतिक छत्रछाया के कारण ही पुलिस पर हाथ डालने में गुरेज नहीं करते लोग–
राजनीतिक लोगों के साथ नजदीकियां और पैसे की बदौलत लोग पुलिस पर हाथ डालने में भी गुरेज नहीं करते। इस पूरे मामले में भी यही बात सामने निकल कर आई है कि हमलावरों के सर पर सत्ताधारियों का हाथ था और हमलावर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के काफी करीब थे। इसके इलावा हमलावरों का बिजनेस में भी वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के साथ हिस्सा था। इसी कारण हमलावरों ने पुलिस पर हाथ डालने में जरा भी संकोच नहीं किया और पुलिस को पीट कर उनकी छवि को धूमिल कर दिया। मगर इस बार खाकी ने अपने ऊपर खादी को हावी नहीं होने दिया।


