*👉🏻 सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ ने जालंधर में “मिशन सेफ जालंधर” की शुरुआत की* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ़ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 07 दिसंबर 2021-(प्रदीप भल्ला)-मिशन सेफ लुधियाना,अमृतसर और मालवा के सफल कार्यान्वयन के बाद आज एनजीओ राहत द सेफ कम्युनिटी फाउंडेशन के चैयरमेन और ग्लोबल सोसाइटी ऑफ सेफ्टी प्रोफेशनल्स के अध्यक्ष डॉ कमलजीत सोई , सदस्य- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार ने पंजाब राज्य में सड़क सुरक्षा नियमों का बेहतर अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य के साथ मिशन सेफ जालंधर को लांच किया। मिशन सेफ जालंधर का उद्देश्य लगातार हो रहे हिट एंड रन रोड एक्सीडेंट्स और ट्रैफिक क्राइम को रोकने पर पर ध्यान केंद्रित करना है। डॉ. कमलजीत सोई और उनके एन.जी.ओ. राहत- सेफ कम्युनिटी फाउंडेशन ने पिछले 20 वर्षों में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को विभिन्न स्तरों पर उठाया है और इस क्षेत्र में किए गए इनके कार्यों को राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी प्राप्त हुई है।
डॉ. सोई ने विशेष रूप से जालंधर क्षेत्र में बढ़ते सड़क अपराधों, नशीली दवाओं की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को रोकने के लिए उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट (एचएसआरपी) के सख्त कार्यान्वयन पर जोर दिया, क्योंकि ऐसे अपराधों में शामिल वाहनों पर नकली नंबर प्लेट का उपयोग किया जाता है, जिससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक संरचना को अपूरणीय क्षति होती है। डॉ. सोई ने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में अपराध दर में कई गुना वृद्धि हुई है और पकड़े जाने और जेल जाने से बचने के लिए वाहनों पर नकली नंबर प्लेट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। वहीं अकेले इस मुद्दे को संबोधित करने से ही शहर और उसके आसपास के इलाकों में अपराध दर में काफी गिरावट आ सकती है। वाहनों पर हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेटों (एचएसआरपी) का कार्यक्रम पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2012 में शुरू किया गया था, लेकिन वर्षों तक इस दिशा में कुछ खास नहीं हुआ और आज भी लगभग 20 लाख वाहन पंजाब की सड़कों पर बगैर एचएसआरपी के चल रहे हैं जोकि राज्य में आपराधिक गतिविधियों में नए और खतरनाक आयाम जोड़ रहे हैं। समय की मांग एचएसआरपी कोड का पूर्ण कार्यान्वयन और उस पर प्रभावी कार्रवाई है । पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के प्रधान सचिव ने एक अधिसूचना के जरिए पहले अपराध के लिए जुर्माने / चालान की राशि रु. 2000, और उसके बाद हर अपराध के लिए जुर्माने की राशि तीन हजार रुपये की है। यह अधिसूचना 27 जुलाई 2020 को जारी की गई थी। पिछले 15 महीनों में, यातायात पुलिस ने इसके लिए कोई एनफोर्समेंट ड्राइव को भी शुरु नहीं किया है जिसके परिणामस्वरूप वाहन मालिकों की ओर से इसको लेकर लापरवाही का रवैया दिखाया जा रहा है। इस समस्या को और बढ़ाते हुए कुछ असामाजिक तत्व फर्जी तरीके से वाहनों पर नकली एचएसआरपी लगा रहे हैं। हालांकि इनमें से कुछ वाहनों को पुलिस ने जब्त कर लिया है, फिर भी बड़ी संख्या में वाहन बिना एचएसआरपी के सड़कों पर चल रहे हैं। इस खतरे को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है क्योंकि या ये वाहन विशेष रूप से राज्य और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने रहेंगे। वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए, राज्य परिवहन आयुक्त, पंजाब के कार्यालय ने दिनांक 12 अगस्त 2021 को सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों व राज्य के सब डिविजनल मजिस्ट्रेटों को लिखे पत्र के माध्यम से भी इसी चिंता को उजागर किया है। आधिकारिक अधिसूचना स्पष्ट रूप से इंगित करती है कि जो वैनिटी नंबर वाहनों को भुगतान के बदले 12 जून 1989 के बाद “पीबी” राज्य कोड और पंजीकरण चिह्न के बिना जारी किए गए हैं और जो कि मोटर वाहन एक्ट 1988 के अनुरूप नहीं है उन्हें तुरंत सरकार के हवाले कर देना चाहिए। साथ ही वाहन स्वामियों को उक्त अधिनियम के अनुरूप नए पंजीकरण अंक प्राप्त करने के लिए कहा गया है। पिछले 16 महीनों में यातायात पुलिस ने इस संबंध में कोई प्रवर्तन अभियान शुरू नहीं किया है, जिससे वाहन मालिकों ने लापरवाही की है। हालांकि इनमें से कुछ वाहनों को पुलिस ने जब्त कर लिया है, लेकिन बड़ी संख्या में वाहन अब भी बिना एचएसआरपी के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इस खतरे को रोकने के लिए तत्काल सख्त कार्रवाई की जरूरत है अन्यथा ये वाहन राज्य और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बने रहेंगे।