*👉🏻 जालंधर विधानसभा सेंट्रल, वेस्ट और नॉर्थ में होगा कड़ा मुकाबला* *👉🏻 सबसे रोचक मुकाबला होगा जालंधर वेस्ट का, कांग्रेसी उम्मीदवार सुशील रिंकू को जीतने के लिए करनी पड़ेगी कड़ी मशक्कत, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 21 जनवरी 2022-(प्रदीप भल्ला)- भाजपा ने आज पंजाब में 34 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। जिसके बाद जालंधर में विधानसभा क्षेत्र सेंट्रल, वेस्ट और नॉर्थ में कड़ा मुकाबला होता हुआ दिखाई देगा।
जालंधर सेंट्रल से मनोरंजन कालिया, जालंधर नॉर्थ से केडी भंडारी और जालंधर वेस्ट से मोहिंदर भगत को उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतारा गया है। जालंधर सेंट्रल में कांग्रेसी उम्मीदवार राजिंदर बेरी के कार्यों से जनता खुश नहीं है, क्योंकि बीते साढ़े 4 सालों में रजिंदर बेरी के खिलाफ लोगों द्वारा विरोध प्रदर्शन ही किए गए हैं। इसके अलावा कोरोना काल के समय में केंद्र सरकार द्वारा जनता के लिए भेजा गया राशन भी स्टोर किए जाने के आरोप राजिंदर बेरी पर लग चुके हैं। आज भी रोजाना ही लोग रजिंदर बेरी के खिलाफ खुलकर बयान बाजी कर रहे हैं जिससे लगता है कि मनोरंजन कालिया को जीतने के लिए खासी मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि आम आदमी पार्टी और अकाली दल के उम्मीदवार भी लोगों में अपनी छाप नहीं छोड़ पा रहे हैं।
जालंधर वेस्ट में भाजपा ने अपने पुराने उम्मीदवार मोहिंदर भगत को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है। मोहिंदर भगत के सामने पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान विजेता रहे कांग्रेसी उम्मीदवार सुशील रिंकू खड़े हैं। मोहिंदर भगत की भगत बिरादरी में अच्छी पैठ है और साथ ही भाजपा के पक्के वोटर मोहिंदर भगत को ही वोट देंगे। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार शीतल अंगुराल अच्छी गिनती में वोट ले जा सकते हैं, क्योंकि वेस्ट क्षेत्र में स्थित बस्ती दानिश्मंदा, देओल नगर, न्यू देओल नगर, उदय नगर, तिलक नगर में जब लोगों से बातचीत की गई तो उनका रुझान आम आदमी पार्टी की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। पिछले चुनावों में भी देओल नगर और न्यू देओल नगर से ही कांग्रेस को सबसे कम वोट पड़ी थी। जिसका नुकसान कांग्रेसी उम्मीदवार को होगा। कांग्रेसी उम्मीदवार सुशील रिंकू को उनके अपने ही लोग नुकसान पहुंचा सकते हैं क्योंकि अंदर खाते कांग्रेसी उम्मीदवार के खिलाफ रणनीति तैयार की जा रही है। इससे भाजपा के उम्मीदवार मोहिंदर भगत को फायदा मिलेगा। लेकिन एक बात साफ तौर पर यह कही जा सकती है कि जालंधर वेस्ट का मुकाबला बहुत ही कड़ा होने की उम्मीद है।
वही जालंधर नार्थ में कांग्रेसी उम्मीदवार बावा हैनरी के कामों से भी लोग खुश नहीं हैं। भाजपा के उम्मीदवार केडी भंडारी बीते 4 सालों में उसी तरह लोगों से मिलते जुलते रहे हैं और उनके कामों के लिए आवाज उठाते रहे हैं जैसे वह विधायक बनने के समय करते थे। इन चुनावों में मध्यमवर्गीय लोग और हिंदू वोटर भाजपा के पक्ष में जा सकते हैं क्योंकि मौजूदा पंजाब सरकार ने ना ही मध्यमवर्गीय लोगों और ना ही हिंदू समाज के लिए कोई ठोस कार्य किए हैं। जिसका खामियाजा कांग्रेस को इन चुनावों में भुगतना पड़ सकता है। नार्थ क्षेत्र में गुंडागर्दी पूरे चरम पर रही है जिनकी चर्चा समय-समय पर अखबारों की सुर्खियां बनती रही है। इसी का नुकसान कांग्रेसी उम्मीदवार को हो सकता है।

