*👉🏻 मोहिंदर सिंह केपी को आखिरी वक्त तक नामांकन के लिए लटकाए रखना कहीं कांग्रेस हाईकमान की चाल तो नहीं* *👉🏻 टिकट ना मिलने के कारण बगावती सुर निकालने शुरू कर दिए थे महिंदर सिंह केपी ने, क्या यही कारण तो नहीं टिकट ना देने का.. पढ़े पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जलंधर, 01 फरवरी 2022-(प्रदीप भल्ला)- बीती रात से ही आदमपुर से कांग्रेसी उम्मीदवार सुखविंदर कोटली की जगह वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहिंदर सिंह केपी को टिकट देने की चर्चा ने जोर पकड़ा हुआ था। आज सुबह से ही यह बात भी जंगल की आग की तरह फैल रही थी कि सुखविंदर कोटली की टिकट काटकर कांग्रेस हाईकमान ने मोहिंदर सिंह केपी को दे दी है लेकिन नामांकन भरने के अंतिम दिन आखरी समय पर कांग्रेस हाईकमान ने बसपा से कांग्रेस में आए सुखविंदर कोटली को ही आदमपुर से अपना उम्मीदवार बनाए रखा है और सुखविंदर कोटली ने भी अपना नामांकन दाखिल कर दिया। जिसके बाद नामांकन भरने के लिए पहुंचे महिंदर सिंह केपी मायूस होकर वापस लौट आए। आखिर ऐसा क्या हुआ कि मोहिंदर सिंह केपी को टिकट देने की चर्चा होने के बाद उन्हें खाली हाथ ही घर वापस लौटाया गया। 
◆◆ मोहिंदर सिंह केपी को नामांकन के अंतिम समय तक लटकाए रखना क्या कांग्रेस हाईकमान की चाल है ◆◆
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मोहिंदर सिंह केपी को आदमपुर से उम्मीदवार घोषित करने की चर्चा को फैलाकर कांग्रेस हाईकमान ने मोहिंदर सिंह केपी को लटकाए रखा और अंतिम समय पर उन्हें खाली हाथ वापस घर आना पड़ा। क्या यह सब हाईकमान की चाल तो नहीं ? क्योंकि टिकट ना मिलने के बाद मोहिंदर सिंह केपी ने कांग्रेस के खिलाफ बगावती सुर निकालने शुरू कर दिए थे। कभी वह जालंधर वेस्ट तो कभी जालंधर कैंट से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की बातें करने लगे थे। इसके अलावा जालंधर कैंट से कांग्रेसी उम्मीदवार के खिलाफ भी केपी समर्थकों ने प्रचार शुरू कर दिया था। यह सब बातें कांग्रेस हाईकमान तक पहुंच चुकी थी और वह नहीं चाहती थी कि उनके उम्मीदवारों को केपी से कोई नुकसान पहुंचे। इसीलिए कांग्रेस हाईकमान ने नामांकन के अंतिम समय तक यह बात फैलाये रखी कि केपी को आदमपुर से उम्मीदवार घोषित कर दिया गया है। मगर जब मोहिंदर सिंह केपी नामांकन भरने गए तो उन्हें पता चला कि सुखविंदर कोटली आदमपुर से कांग्रेस के उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भर चुके हैं। जिसके बाद वह मायूस होकर लौट गए। इस पूरे घटनाक्रम से तो यही लगता है कि कांग्रेस हाईकमान ने मोहिंदर सिंह केपी को सिर्फ इसीलिए लटकाए रखा ताकि वह किसी और पार्टी से या आजाद उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भर कर कांग्रेस के प्रत्याशियों को नुकसान ना पहुंचा सकें। अब देखना यह होगा कि मोहिंदर सिंह केपी क्या करते हैं, क्योंकि टिकट ना मिलने के कारण के पी के समर्थकों में रोष उत्पन्न हो चुका है।
