*👉🏻 शहर के कुछ गन हाउस वालों पर क्यों मेहरबान है कमिश्नरेट पुलिस* *👉🏻 पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 21 दिसंबर 2020-(हैडलाइन एक्सप्रेस)-जालंधर कमिश्नरेट पुलिस शहर के कुछ गन हाउस वालों पर ज्यादा ही मेहरबान दिखाई दे रही है। तभी तो शहर के दो गन हाउस वाले (जिन पर अपराधिक मामले भी दर्ज हैं) उन पर पुलिस सख्ती नहीं दिखा रही। एक तो है सूरी गन हाउस जिसके मालिक पर हत्या का मामला दर्ज होने के कारण सूरी गन हाउस का डीलर लाइसेंस कैंसिल हो चुका है ।
2018 में कत्ल और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने सूरी गन हाउस में पड़े हुए हथियार व गोलियां ज़ब्त नहीं की है। पुलिस ने सिर्फ उसके गन हाउस के बाहर सील लगा दी थी जो बाद में वह भी गायब हो गई और वहाँ से चोरो ने गोलियां चुराकर अपराधियों को भी बेच दी थी , जबकि कानून कहता है कि अगर किसी गन हाउस मालिक पर अपराधिक मामला और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हो जाए तो उसके गन हाउस में पड़े हुए सभी हथियार व गोलियां पुलिस ज़ब्त कर अपने पास सुरक्षित रखती है। जब तक माननीय अदालत से केस की कारवाई समाप्त नहीं होती तब तक सारा असला पुलिस के पास ही रहता है, लेकिन इस केस में पुलिस ने सिर्फ सूरी गन हाउस को सील लगाई है। सूरी गन हाउस का डीलर लाइसेंस कैंसिल हुए और कितना समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस गन हाउस पर कोई करवाई नही की।
इसी प्रकार दूसरा मामला है भारत गन हाउस, जिसके मालिक पर भी गलत तरीके से किसी व्यक्ति को हथियार देने और उस हथियार से दो लोगों की जान जाने का मामला और आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है। कानूनन जब तक किसी गन हाउस मालिक पर अपराधिक मामला चलता है तो वह किसी गन हाउस में बैठकर असले की खरीद फरोख्त नहीं कर सकता। लेकिन भारत गन हाउस का मालिक अपने गन हाउस में बैठकर सभी प्रकार की डीलिंग कर रहा है। यह सब कुछ कमिश्नरेट पुलिस के ध्यान में भी है लेकिन फिर भी पुलिस द्वारा इन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। जालंधर कमिश्नरेट के दोहरे कानूनों की चर्चा इस समय शहर में हो रही है और इन्हीं मामलों की गूंज डीजीपी पंजाब तक भी पहुंच चुकी है। अब देखना यह है कि क्या जालंधर कमिश्नरेट पुलिस इन दोनों मामलों पर सख्ती दिखाती है या फिर अपनी मेहरबानी की छाया इन लोगों पर बनाए रखती है।
