*👉🏻 जालंधर कमिश्नरेट पुलिस सूरी गन हाउस पर मेहरबान क्यों?* *👉🏻 बड़ी अनहोनी का इंतज़ार क्यों कर रहा पुलिस प्रशासन ?* *👉🏻 क्या शहर में आये दिन हो रहे गोली कांड का जिम्मेदार है पुलिस या सूरी ?* *👉🏻 पत्नी के नाम पर लाइसेंस लेकर नया गन हाउस खोलने की फिराक में है सूरी, पढ़ें पूरी खबर सिर्फ हैडलाइन एक्सप्रेस पर 👇🏻*
जालंधर, 25 मई 2022-(रंजीत सिंह)-जालंधर के थाना 4 के अधीन पड़ते सूरी गन हाउस में वर्ष 2018 में कांग्रेसी नेता बलवंत सिंह शेरगिल नामक व्यक्ति की गन हाउस के मालिक द्वारा गोली लगने से मौत के बाद पुलिस ने गन हाउस को सील कर दिया था।
गन हाउस के बंद होने पर सूरी गन हाउस के मालिक परविंदर सिंह सूरी के खिलाफ साल 2018 में मुक़द्दमा नम्बर 139 धारा 302 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। गौरतलब है कि सूरी गन हाउस में शेरगिल नामक एक व्यक्ति साल 2018 में अपना असला बेचने के लिए आया था। उक्त व्यक्ति के असले को चेक करते हुए सूरी गन हाउस के मालिक से गोली चल गई और उसी गोली ने असला धारक की जान ले ली।
जिसके बाद पुलिस ने सूरी गन हाउस के मालिक पर मामला दर्ज कर उसका गन हाउस सील कर दिया। जबकि भारत सरकार का आर्म्स एक्ट कहता है कि अगर किसी गन हाउस के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज होता है तो उसके डीलर के लाइसेंस को सस्पेंड कर उसकी दुकान में पड़े सभी प्रकार के हथियारों और गोलियों को पुलिस अपने मालखाने में या किसी लाइसेंसशुदा आर्म्स लाइसेंस डीलर के पास जमा करवाए। कानूनन यह भी बनता है कि पुलिस को उसके गन हाउस में पड़े हुए सभी हथियारों और कारतूसों को ज़ब्त करना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने उसके गन हाउस को बाहर से सील कर खानापूर्ति कर कार्रवाई पूरी कर दी। इसी से पता चलता है कि पुलिस अधिकारियों से लेकर थाना 4 तक सूरी गन हाउस के मालिक की सेटिंग हो गई हो ? साल 2019 में जालन्धर कमिश्नर पुलिस के सीआईए स्टाफ की टीम ने एक चोर गिरोह को पकड़ कर मुक़द्दमा नम्बर 66 /2019 थाना जालंधर कैंट में दर्ज किया था। सीआईए स्टाफ द्वारा पकड़े गए चोर गिरोह के सदस्यों ने पूछताछ में क़बूल किया था कि उसके पास से जो 112 (बंदूक, पिस्तौल, रिवॉल्वर/राइफल) की गोलियां बरामद हुई है वह उन्होंने बंद पड़े सूरी गन हाउस से चुराए थे। दूसरी तरफ सूत्र कहते हैं कि यह गोलियां सूरी गन हाउस के मालिक के घर से चोरों ने चुराई थी। पुलिस रिकार्ड के अनुसार सूरी गन हाउस 2018 में सील कर दिया गया था तो 2019 में सूरी अपने घर में किन लोगों को इतनी भारी मात्रा में गोलियां सप्लाई करने के लिये रखे हुए था ?
क्या सूरी पंजाब के गैंगेस्टरों को गोलियां सप्लाई करता है? क्योंकि आर्म्स एक्ट के अनुसार बिना किसी वैध लाइसेंस के कोई भी व्यक्ति अपने घर में आर्म्स और अमुनेशन नहीं रख सकता है, फिर सूरी गन हाउस सील होने के बाद वह कौन लोग थे जो परमिंदर सिंह सूरी को इतनी भारी मात्रा में गोलियां बेच गए थे और सूरी इन गोलियों को आगे किसे सप्लाई करने वाला था ? दूसरी तरफ पुलिस द्वारा अगर सील किए हुए गन हाउस से चोर गोलियां चुरा सकते है तो हथियार भी चुरा ही सकते है और उन हथियारों से किसी बेगुनाह की जान भी ले सकते है, या कोई वारदात को अंजाम दे सकते है। अगर ऐसा हो तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, क्योंकि सूरी गन हाउस में असला धारकों सहित गन हाउस के मालिक के खरीदे हुए सैकडों हथियार और कारतूस पड़े हुए हैं। सूरी गन हाउस का लाइसेंस पंजाब होम मिनिस्ट्री द्वारा कब का कैंसिल किया जा चुका है। पुलिस को चाहिये था कि सूरी गन हाउस के मालिक के खिलाफ जब मामला दर्ज हुआ था तभी पुलिस इस गन हाउस में पड़े हुए सभी हथियारों और गोलियों को ज़ब्त कर अपने असला भंडार में सुरक्षित रख लेती, लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं किया। यही सवाल आम लोगों के दिमाग में चल रहे हैं। लोग यही कह रहे हैं कि आम जनता के लिए पुलिस कमिश्नर का कानून अलग और सूरी गन हाउस के मालिक के लिये कानून अलग क्यों है। सूत्रों से तो यह भी पता चला है कि सूरी गन हाउस का मालिक अपने गन हाउस को दोबारा से खुलवाने के जुगाड़ में रुपए और अपनी पहुँच का जोर लगा रहा है। वहीं सूत्र बताते हैं कि परमिंदर सूरी अपनी पत्नी के नाम पर जालंधर सिविल अस्पताल के सामने नया आर्म्स और अमुनेशन डीलर लाइसेंस बनवाने के लिये कुछ पुलिस अधिकारियों के संपर्क में है, जो जालंधर से चंडीगढ़ तक उसका साथ देने का वादा कर रहे है। साल 2018 में मामला दर्ज होने और 2020 में गन हाउस का लाइसेंस कैंसिल होने के बाद भी पुलिस सूरी गन हाउस के मालिक पर पता नही क्यों मेहरबान है। क्या इस मामले में पुलिस कमिश्नर को अन्य अधिकारी गुमराह कर रहे हैं या फिर सही जानकारी नहीं दे रहे है, क्योंकि सूरी गन हाउस में लगी सभी सील खुली हुई हैं। जिससे लगता है कि आर्म्स और अमुनेशन खरीद बिक्री का लाइसेंस कैंसिल होने के बावजूद इस दुकान में कुछ तो गलत हो रहा है। अब पुलिस कमिश्नर को चाहिये कि सूरी गन हाउस में जमा सभी हथियारों को जब्त करें। इस मामले में जब पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह तूर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जायेगा आप इसकी पूरी जानकारी हमें मिलकर दे।
दूसरी तरफ ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन फ्रंट के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने कहा है कि शहर वासियों के जान माल के साथ खिलवाड़ करने वाले सूरी गन हाउस के मालिक और उसके साथ मिले पुलिस मुलाजिमों/अधिकारियों के खिलाफ वह इस मामले को लेकर लिखित शिकायत पुलिस कमिश्नर को देंगे और अगर जालंधर पुलिस प्रशासन सूरी के खिलाफ करवाई नही करती है और उसके गन हाउस में बंद हथियारों और गोलियों को अपने कब्जे में नही लेती है तो वह माननीय पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर करेंगें।
