तेजी से वजन घटाने के लिए ये 2 दवाइयां ले रहे हैं तो हो सकता है पेट का लकवा!

नई दिल्ली: वजन घटाने के लिए खान-पान पर नियंत्रण, जीवनशैली में बदलाव और कसरत जैसे उपाय अपनाना ही बेहतर है। अगर दवाइयों का सहारा लेते हैं तो सतर्क हो जाइए। एक नए अमेरिकी अध्ययन में कहा गया है कि तेजी से वजन घटाने के लिए ली जाने वाली दवाइयों वेगोवी (Wegovy) और ओजेम्पिक (Ozempic) के गंभीर दुष्प्रभावों का खतरा हो सकता है। इसमें पेट का पक्षाघात (Abdominal Paralysis) भी शामिल है। एब्डॉमिनल पैरालिसिस से पेट खाली होने में देरी होती है। उदर पक्षाघात के कारण अप्रत्याशित रूप से वजन घट सकता है, कुपोषण हो सकता है और अन्य जटिलताएं हो सकती हैं जिनके लिए इलाज से लेकर ऑपरेशन तक की नौबत आ सकती है।
अमेरिकी स्टडी में बड़ा खुलासा
स्टडी रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएलपी-1 एगोनिस्ट दवायां कही जाने वाली वेगोवी और ओजेम्पिक लेने वाले लोगों में एब्डॉमिनल पैरालिसिस डेवलप होने का खतरा उन लोगों की तुलना में 30% अधिक है, जिन्होंने ये दवाइयां नहीं लीं। ग्लूकागन जैसे पेप्टाइड-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (जीएलपी-1आरए), जिन्हें जीएलपी-1 एगोनिस्ट के रूप में भी जाना जाता है, टाइप 2 डाइबिटीज और मोटापे के इलाज के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं का एक वर्ग है।
वाशिंगटन में शनिवार को आयोजित मेडिकल कॉन्फ्रेंस पाचन रोग सप्ताह 2024 में पेश यह रिपोर्ट डाइबिटीज और मोटापे से ग्रस्त तीन लाख से अधिक लोगों के रिकॉर्ड के विश्लेषण पर आधारित है, जिनमें से 1.65 लाख को जीएलपी-1 एगोनिस्ट निर्धारित किया गया था। यह अन्य बातों के अलावा पेट खाली होने की प्रक्रिया को धीमा करने और इंसुलिन उत्पादन को उत्तेजित करने के लिए जाना जाता है।
दवाइयां ले रहे हैं तो सतर्क हो जाएं
स्टडी ग्रुप का नेतृत्व करने वाले कैनसस विश्वविद्यालय में मेडिसिन के प्रफेसर डॉ. प्रतीक शर्मा ने हमारे सहयोगी अखबार द टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) को बताया कि पेट का लकवा इन दवाओं का एक दुर्लभ दुष्प्रभाव है, लेकिन जीएलपी-1 दवाओं या वजन घटाने वाली दवाओं के ज्यादा उपयोग को देखते हुए लोगों को इसके बारे में सतर्क करना जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘ये दवाएं नई हैं और जबकि सकारात्मक प्रभाव अच्छी तरह से स्थापित हैं और उनके बारे में बात की जाती है, हमें अभी भी इसके दीर्घकालिक दुष्प्रभावों की पूरी सीमा का पता लगाना बाकी है और इसलिए मुझे लगता है कि जो लोग इन्हें ले रहे हैं उन्हें सावधान रहना चाहिए।’




